जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री सनाय ताकाइची (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

Japan Election: PM सनाय ताकाइची की लोकप्रियता बरकरार, LDP भारी बहुमत की ओर

Takaichi Popularity Race: जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री सनाय ताकाइची अपनी दक्षिणपंथी नीतियों और बढ़ती लोकप्रियता के दम पर चुनाव में जीत की ओर बढ़ रही हैं, जबकि विपक्ष उनके सामने टिक नहीं पा रहा है।

प्रिया सिंह

Sanae Takaichi Right Wing Policies: जापान की 64 वर्षीय प्रधानमंत्री सनाय ताकाइची ने अपनी लोकप्रियता का लाभ उठाने के लिए अचानक चुनाव का आह्वान किया है। वह देश की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने और अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। वर्तमान में सनाए ताकाइची की दक्षिणपंथी नीतियां उनके चुनावी अभियान का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं जिससे उन्हें काफी समर्थन मिल रहा है। सर्वेक्षणों के अनुसार उनकी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी निचले सदन में अकेले ही बहुमत हासिल कर सकती है।

चुनाव और लोकप्रियता

सनाय ताकाइची अक्टूबर में जापान की पहली महिला नेता बनी थीं और तब से उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। उनकी कार्यशैली और "काम, काम, काम" का नारा विशेष रूप से युवा मतदाताओं के बीच बहुत अधिक लोकप्रिय हो रहा है। ताकाइची को उम्मीद है कि उनकी पार्टी और सहयोगी JIP मिलकर निचले सदन की 465 सीटों में से बहुमत जीत लेंगे।

दक्षिणपंथी एजेंडा

ताकाइची का मुख्य उद्देश्य जापान की सुरक्षा नीतियों में संशोधन करना और घातक हथियारों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाना है। वे चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच देश की आक्रामक सैन्य क्षमताओं को और अधिक मजबूत करने का वादा कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी ये नीतियां धुर दक्षिणपंथी मतदाताओं को अपनी ओर काफी आकर्षित कर रही हैं।

विपक्ष की स्थिति

जापान में वर्तमान में विपक्ष पूरी तरह से बिखरा हुआ है और ताकाइची की पार्टी को कोई वास्तविक चुनौती देने में सक्षम नहीं है। वामपंथी दल अपनी पकड़ खो रहे हैं क्योंकि युवा पीढ़ी उनकी परमाणु-विरोधी और युद्ध-त्याग की नीतियों को अब अव्यावहारिक मानती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार वामपंथी दलों का आगे पतन होना अब लगभग निश्चित और अनिवार्य दिखाई दे रहा है।

ताकाइची की प्रतिज्ञा

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि रविवार का यह चुनाव उनके जापानी नेता के रूप में बने रहने का सबसे बड़ा फैसला होगा। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की है कि अगर उनकी पार्टी LDP बहुमत हासिल करने में विफल रही तो वे पद छोड़ देंगी। यह कदम उनकी अपनी लोकप्रियता और चुनावी जीत के प्रति अडिग आत्मविश्वास को साफ तौर पर दर्शाता है।

सुरक्षा और चुनौतियां

अमेरिका की ओर से रक्षा खर्च बढ़ाने के दबाव और चीन की सैन्य गतिविधियों के कारण जापान की सुरक्षा चुनौतियां बढ़ गई हैं। ताकाइची विदेशी संपत्ति मालिकों के लिए सख्त नियम और प्रवासियों की संख्या पर सीमा लगाने जैसे कड़े फैसलों का समर्थन करती हैं। वे दिसंबर तक रक्षा नीतियों में बड़े बदलाव लाने की योजना पर काम कर रही हैं ताकि शांतिवादी सिद्धांतों से आगे बढ़ा जा सके।

भविष्य की दिशा

अगर ताकाइची का गठबंधन 300 से अधिक सीटें जीतता है तो यह साल 2024 की मामूली जीत के मुकाबले एक बहुत बड़ी छलांग होगी। हालांकि उच्च सदन में बहुमत न होना कानून पारित करने में भविष्य में कुछ बाधाएं पैदा कर सकता है। फिर भी वर्तमान रुझान जापान की राजनीति में एक बड़े और निर्णायक दक्षिणपंथी बदलाव की ओर साफ इशारा कर रहे हैं।

रांची में बवाल! विधानसभा से भगाए गए प्रदर्शनकारी, देवेंद्र नाथ महतो को एंबुलेंस से ले गई पुलिस

JPSC Exam Scam: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा धांधली की ED जांच शुरू, मनी ट्रेल खंगालने रांची पहुंची 5 सदस्यीय टीम

अवैध बांग्लादेशियों पर कसा शिकंजा, बेंगलुरु पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन; 100 से अधिक विदेशियों की हुई पहचान

आज की ताजा खबर 10 अगस्त LIVE: रांची में पुलिस के सामने राष्ट्रगान गाने लगे छात्र; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

SBI Vacancy 2026: ग्रेजुएट युवाओं के लिए SBI में नौकरी का मौका, 1,538 पदों पर भर्ती, जानें योग्यता व सैलरी