प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी (सोर्स- IANS)
विदेश

BRICS Summit: पीएम मोदी और मिस्र के राष्ट्रपति अल सिसी में द्विपक्षीय वार्ता, नई दिल्ली घोषणापत्र पर लगी मुहर

Egypt President Sisi: 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी और मिस्र के राष्ट्रपति अल सिसी के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जहां 11 सदस्य देशों ने नई दिल्ली घोषणापत्र को सर्वसम्मति से स्वीकार किया।

प्रिया सिंह

PM Modi Meeting With Egypt President Abdel Fattah el Sisi: नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी के बीच द्विपक्षीय मीटिंग हुई।

इससे पहले दोनों नेताओं ने अन्य ब्रिक्स लीडर्स और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशंस के प्रमुखों के साथ फैमिली फोटो में हिस्सा लिया। मीटिंग के दौरान भारत-मिस्र रिलेशंस और ग्लोबल कोऑपरेशन को आगे बढ़ाने पर जोर रहा।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति सिसी के बीच हुई मीटिंग

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात भारत और मिस्र के बीच लंबे समय से चले आ रहे फ्रेंडली रिलेशंस को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण रही।

इससे पहले पीएम मोदी और राष्ट्रपति सिसी ने ब्रिक्स मेंबर देशों, इनवाइटेड रिप्रेजेंटेटिव्स और इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशंस के प्रमुखों के साथ फैमिली फोटो में हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान दोनों देशों ने अपने हिस्टोरिकल रिलेशंस को और मजबूत करने तथा एक्सपैंडेड ब्रिक्स के जरिए ग्लोबल कोऑपरेशन को बढ़ावा देने की कमिटमेंट जताई।

भारत-मिस्र के रिलेशंस का पुराना इतिहास

भारत और मिस्र के बीच रिश्ते बेहद पुराने और मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के बीच फॉर्मल डिप्लोमैटिक रिलेशंस की शुरुआत 18 अगस्त 1947 को हुई थी। उस समय दोनों देशों के बीच एंबेसडर लेवल पर ऑफिशियल डिप्लोमैटिक रिलेशंस स्थापित किए गए थे।

बीते दशकों में भारत और मिस्र के रिलेशंस लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच पॉलिटिकल, इकोनॉमिक और ग्लोबल मुद्दों पर कोऑपरेशन की परंपरा रही है।

जनवरी 2024 में मिस्र उन देशों में शामिल हुआ, जिन्हें ब्रिक्स के फुल मेंबर के रूप में ग्रुप का हिस्सा बनाया गया। इसके साथ ही मिस्र की ब्रिक्स में भूमिका और भारत के साथ मल्टीलेटरल कोऑपरेशन का दायरा भी बढ़ा।

न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन पर सभी 11 देशों की सहमति

18वें ब्रिक्स समिट के दौरान 11 मेंबर देशों के लीडर्स ने सर्वसम्मति से न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन को अपनाया। इस घोषणा में भारत की चेयरमैनशिप और उसके तहत आयोजित आउटरीच तथा ब्रिक्स प्लस डायलॉग सेशन की मेजबानी की सराहना की गई।

घोषणापत्र में कहा गया कि भारत की चेयरमैनशिप ने इंटरनेशनल कोऑपरेशन और ग्लोबल एकजुटता को आगे बढ़ाने में नई गति प्रदान की है। ब्रिक्स लीडर्स ने आपसी सम्मान, संप्रभु समानता, ओपननेस, इन्क्लूसिवनेस, कोऑपरेशन और कंसेंसस की भावना के प्रति अपनी कमिटमेंट दोहराई।

गाला डिनर और फैमिली फोटो में भी शामिल हुए सिसी

18वें ब्रिक्स समिट के पहले दिन शनिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भारत मंडपम में आयोजित गाला डिनर में राष्ट्रपति सिसी समेत कई ग्लोबल लीडर्स शामिल हुए थे।

राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी शुक्रवार को ही नई दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने सम्मेलन की विभिन्न एक्टिविटीज में हिस्सा लिया और अन्य ग्लोबल लीडर्स के साथ मुलाकात की।

‘ह्यूमैनिटी फर्स्ट’ की सोच पर आधारित भारत की चेयरमैनशिप

इस वर्ष भारत की ब्रिक्स चेयरमैनशिप की थीम ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ रखी गई है। यह थीम रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और स्टेबिलिटी पर केंद्रित है।

भारत की चेयरमैनशिप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘ह्यूमैनिटी फर्स्ट’ सोच और पीपल-सेंट्रिक अप्रोच को भी दर्शाती है। ब्रिक्स में भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और यूएई शामिल हैं। इसके अलावा कई देशों को पार्टनर कंट्रीज के रूप में जोड़ा गया है।

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