PM Modi in Malaysia: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 7 फरवरी 2026 को मलेशिया की अपनी दो दिवसीय महत्वपूर्ण यात्रा पर कुआलालंपुर पहुंचे। इस यात्रा की शुरुआत में ही राजनयिक शिष्टाचार की एक ऐसी झलक देखने को मिली जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर ली हैं।
आमतौर पर प्रोटोकॉल के तहत विदेशी राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत निर्धारित मंत्रियों द्वारा किया जाता है लेकिन मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सभी परंपराओं को दरकिनार करते हुए खुद हवाई अड्डे पहुंचकर पीएम मोदी की अगवानी की।
कुआलालंपुर एयरपोर्ट पर जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी का विमान उतरा वहां का माहौल पूरी तरह से 'मोदी-मोदी' के नारों से गूंज उठा। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने गर्मजोशी के साथ पीएम मोदी का स्वागत किया उन्हें गले लगाया और उनका हालचाल पूछा। इसके बाद दोनों शीर्ष नेता एयरपोर्ट से एक ही निजी कार में सवार होकर कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद इस पल को साझा करते हुए बताया कि वे पीएम इब्राहिम के साथ एक सामुदायिक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे हैं जो दोनों देशों के जन-जन संबंधों का जश्न मनाने जैसा है।
मलेशिया पहुंचने के तुरंत बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा कि कुआलालंपुर पहुंच गया। मेरे मित्र प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा हवाई अड्डे पर किए गए हार्दिक स्वागत से मैं अत्यंत भावुक हूं। मैं आपसे बातचीत करने और भारत और मलेशिया के बीच मित्रता के बंधन को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हूं। यह पीएम मोदी की मलेशिया की तीसरी यात्रा है, जो इस क्षेत्र में भारत के रणनीतिक हितों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मलेशिया को अक्सर 'मिनी इंडिया' भी कहा जाता है क्योंकि यहां लगभग 30 लाख भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं जो वहां की कुल आबादी का करीब 9 प्रतिशत हिस्सा हैं। पीएम मोदी के स्वागत के लिए कुआलालंपुर की सड़कों को पोस्टरों और बड़ी-बड़ी होर्डिंग्स से पाट दिया गया है जो दोनों देशों की दोस्ती की गर्माहट को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री थोड़ी ही देर में यहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करेंगे।
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मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के विशेष निमंत्रण पर शुरू हुई यह यात्रा दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगी। भारत और मलेशिया दोनों ही आसियान के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। जानकारों का मानना है कि इस 2 दिवसीय दौरे के दौरान व्यापार, तकनीक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौते हो सकते हैं।