वॉरसा : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पोलैंड की अपनी दो दिवसीय ‘‘परिणामजनक'' यात्रा के संपन्न होने के बाद बृहस्पतिवार को यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना हुए। इस यात्रा के दौरान उन्होंने पोलैंड के नेतृत्व के साथ व्यापक वार्ता की। पीएम मोदी कुछ हफ्ते पहले रूस की राजधानी मास्को भी पहंचे थे। जबकि अब वह यूक्रेन कैपिटल कीव पहुंच रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पीएम दोनों देशों को युद्ध विराम के लिए राजी कर सकते हैं।
पोलैड से यूक्रेन के लिए रवाना होने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पोलैंड की अपनी परिणामजनक यात्रा पूरी की जो द्विपक्षीय संबंधों में एक नया मील का पत्थर है। चार दशकों के बाद प्रधानमंत्री की यह उच्चस्तरीय यात्रा भारत-पोलैंड संबंधों को व्यापक और प्रगाढ़ बनाएगी।''
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के निमंत्रण पर यूक्रेन की यात्रा पर गये मोदी ने कहा है कि वह जारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान को लेकर यूक्रेनी नेता के साथ अपने विचार साझा करेंगे। उनकी यूक्रेन की यात्रा मॉस्को की उनकी यात्रा के लगभग छह सप्ताह बाद हो रही है, जिसकी अमेरिका और उसके कुछ पश्चिमी सहयोगियों ने आलोचना की थी। वर्ष 1991 में यूक्रेन के स्वतंत्र होने के बाद से यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यूक्रेन की पहली यात्रा है।
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मोदी ने कहा ने मैं राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर विचारों को साझा करने के लिए बातचीत को आगे बढ़ाने के मौके की प्रतीक्षा कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि एक मित्र और साझेदार के रूप में, हम इस क्षेत्र में शीघ्र शांति और स्थिरता की वापसी की उम्मीद करते हैं। मोदी कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रेन से यूक्रेन की राजधानी कीव की यात्रा करेंगे और इस यात्रा में उन्हें लगभग 10 घंटे लगेंगे।
भारत ने अभी तक यूक्रेन पर रूसी हमले की निंदा नहीं की है और वह वार्ता और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के समाधान का आह्वान कर रहा है। वारसॉ से रवाना होने से पहले मोदी ने कहा कि उनकी पोलैंड यात्रा ‘‘विशेष'' रही है। मोदी ने वारसॉ की अपनी यात्रा के अंत में ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह दशकों के बाद है कि किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने पोलैंड की धरती पर कदम रखा है।''
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मोदी अपनी दो देशों की यात्रा के पहले चरण में बुधवार को पोलैंड पहुंचे थे। उनकी पोलैंड की यात्रा पिछले 45 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस यात्रा से एक मूल्यवान मित्र के साथ सहयोग को और गहरा करने का मौका मिला। हम पोलैंड के साथ घनिष्ठ व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध की उम्मीद करते हैं। हमारी मित्रता निश्चित रूप से एक बेहतर दुनिया के निर्माण में योगदान दे सकती है।''
-एजेंसी इनपुट के साथ