माले: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मालदीव की स्वतंत्रता की हीरक जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने उन्हें आमंत्रित किया था। यह भारत और मालदीव के द्विपक्षीय संबंधों के बीच फिर से बढ़ते सहयोग और भरोसे का संकेत माना जा रहा है। वहीं, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी मालदीव की जनता को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने एक्स अकाउंट पर मालदीव को बधाई देते हुए लिखा कि मालदीव की आज़ादी की हीरक जयंती के अवसर पर वहां की सरकार और जनता को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आज माले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने का अवसर मिला।
इस अवसर पर हम भारत और मालदीव के बीच 60 वर्षों के राजनयिक रिश्तों का भी जश्न मना रहे हैं। साथ ही, हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग को और प्रगाढ़ करने की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराया गया है।
मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिरकत करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव के उपराष्ट्रपति हुसैन मोहम्मद लतीफ से भेंट की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-मालदीव के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने और पारस्परिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर विचार-विमर्श किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर कहा कि मालदीव के उपराष्ट्रपति हुसैन मोहम्मद लतीफ़ के साथ उनकी बेहद सार्थक और सकारात्मक बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि बातचीत का केंद्र भारत और मालदीव के मजबूत रिश्तों के अहम पहलुओं पर रहा। दोनों देशों के बीच बुनियादी ढांचे, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है, जिससे दोनों देशों की जनता को लाभ हो रहा है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत होगी।
पीएम मोदी ने अपने दौरे के पहले ही दिन मालदीव के साथ नए समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर करते हुए 4,850 करोड़ रुपये की ऋण सहायता देने की घोषणा की। यह कदम दोनों देशों के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस आर्थिक सहायता से मालदीव को विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए जरूरी संसाधन मिलेंगे, जिससे उसके आर्थिक विकास और स्थिरता को बल मिलने की उम्मीद है।