अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (सेार्स: सोशल मीडिया) 
विदेश

अमेरिका ने घर में घुसकर पनामा काे दी धमकी, कहा- नहर पर चीन का प्रभाव कम नहीं हुआ तो...

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो से रविवार को कहा कि मध्य अमेरिकी सहयोगी को पनामा नहर क्षेत्र पर चीन के प्रभाव को तुरंत कम करना चाहिए, अन्यथा अमेरिकी कार्रवाई कर सकता है...

आकाश मसने

पनामा सिटी: डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति की शपथ लेते ही पनामा नहर पर कब्जा वापस लेने का फैसला किया था। अब अमेरिका इस फैसले को जमीन पर उतारने की तैयारी कर रहा है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पनामा का दौरा किया। विदेश मंत्री के रूप में रुबियो की पहली विदेश यात्रा है।

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो से रविवार को कहा कि मध्य अमेरिकी सहयोगी को पनामा नहर क्षेत्र पर चीन के प्रभाव को तुरंत कम करना चाहिए, अन्यथा अमेरिकी प्रशासन कार्रवाई कर सकता है। कहा जा रहा है कि यह घर में घुसकर धमकी देने जैसा था।

विदेश मंत्री रुबियो का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पनामा नहर के संचालन का नियंत्रण अमेरिका को वापस देने की मांग सहित पड़ोसी देशों और सहयोगियों पर दबाव बढ़ा दिया है। रुबियो की रविवार को बाद में नहर का दौरा करने की योजना है।

अमेरिका ने नहीं दी धमकी

पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि रुबियो ने ‘‘नहर पर पुनः कब्जा करने या बल प्रयोग करने की कोई वास्तविक धमकी नहीं दी।'' अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मांग की है कि नहर का नियंत्रण वापस अमेरिका को सौंप दिया जाना चाहिए।

नहर में चीन की उपस्थिति संधि का उल्लंघन

अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने ट्रंप की ओर से पनामा के राष्ट्रपति मुलिनो से कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रारंभिक रूप से यह निर्धारित किया है कि नहर क्षेत्र में चीन की उपस्थिति उस संधि का उल्लंघन करती है जिसके तहत अमेरिका ने 1999 में जलमार्ग को पनामा को सौंपा था। उस संधि में अमेरिकी निर्मित नहर में स्थायी तटस्थता की बात कही गई है।

अमेरिका अपने अधिकारों की रक्षा के लिए उठाएगा कदम

अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि "विदेश मंत्री रुबियो ने स्पष्ट किया कि यह यथास्थिति अस्वीकार्य है और तत्काल परिवर्तन न किए जाने की स्थिति में अमेरिका को संधि के तहत अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।" विदेश की अन्य ख़बरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

बंदरगाहों में चीन की भूमिका ने वाशिंगटन के लिए चिंताएं बढ़ी

इस बीच, मुलिनो ने रुबियो के साथ अपनी बातचीत को सम्मानजनक और सकारात्मक बताते हुए कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि संधि को कोई वास्तविक खतरा है। हालांकि मुलिनो ने माना कि नहर के छोर पर स्थित बंदरगाहों में चीन की भूमिका ने वाशिंगटन के लिए चिंताएं पैदा कर दी हैं लेकिन उन्हें नियंत्रित करने वाले संघ की लेखा परीक्षा की जा रही है और नहर प्राधिकरण रुबियो को अधिक विस्तृत स्पष्टीकरण देगा।

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