पाकिस्तान में तख्तापलट की आहट  फोटो (सोर्स- AI जनरेटेड)
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पाकिस्तान में तख्तापलट की आहट! मुनीर और नकवी के पावर प्ले से मची भयंकर हलचल

Pakistan Political Crisis: पाक गृह मंत्री मोहसिन नकवी और सेना प्रमुख मुनीर के पावर प्ले ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इससे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति जरदारी की कुर्सी खतरे में है।

प्रिया सिंह

Pakistan Political Crisis Faces Coup Threat: पाकिस्तान में एक बार फिर बड़े राजनीतिक तख्तापलट और सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। देश के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह विफल बताते हुए इतिहास के सबसे बड़े घोटाले का दावा किया है। उनके इस बयान के बाद से इस्लामाबाद में भारी हड़कंप मच गया है। सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के वरदहस्त के कारण नकवी सीधे शहबाज शरीफ सरकार को सीधी चुनौती दे रहे हैं।

गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने देश के जजों, राजनेताओं और नौकरशाहों पर पिछले 21 सालों से रिश्वतखोरी में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कसम खाई है कि इस भ्रष्टाचार के खेल में शामिल हर एक व्यक्ति के खिलाफ वे कड़ी कार्रवाई करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि सेना प्रमुख जनरल मुनीर अपने बेहद करीबी नकवी के जरिए देश में नए प्रांत बनाने का माहौल तैयार कर रहे हैं।

शहबाज और जरदारी की बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों के अनुसार, मुनीर का अंतिम मकसद परवेज मुशर्रफ की तर्ज पर पूरी सत्ता हथियाने का रास्ता साफ करना है। इस राजनीतिक उठापटक के कारण प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है। सेना के प्रवक्ता ने भी सुरक्षा और सुशासन के दृष्टिकोण से इस नए प्रशासनिक पुनर्गठन का पूरा समर्थन किया है।

इस बड़े बदलाव पर सत्तारूढ़ पीएमएल-एन और पीपीपी ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। इन दोनों पारंपरिक राजनीतिक दलों की मुख्य ताकत पंजाब और सिंध प्रांतों से आती है। प्रांतीय सीमाओं में बदलाव से उनका पुराना राजनीतिक प्रभाव हमेशा के लिए खत्म हो सकता है। यही कारण है कि वे इस संवेदनशील विषय पर खुलकर कुछ भी बोलने से लगातार बच रहे हैं।

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का पलटवार

मोहसिन नकवी की बयानबाजी से बौखलाए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने उन पर तीखा हमला बोला है। आसिफ ने कहा कि नकवी पिछले तीन सालों से बेहद शक्तिशाली पद पर हैं और वह प्रधानमंत्री तक को जवाबदेह नहीं हैं। उन्होंने तंज कसा कि अगर इतना ताकतवर व्यक्ति भी शिकायत कर रहा है तो बाकी सभी मंत्रियों को तुरंत अपने घर चले जाना चाहिए।

ख्वाजा आसिफ ने कैबिनेट और संसदीय सत्रों में नकवी की सीमित भागीदारी की भी जमकर आलोचना की है। उन्होंने दावा किया कि नकवी कैबिनेट की सिर्फ 2 या 3 बैठकों में ही शामिल हुए हैं। आसिफ ने नकवी को सलाह दी कि वे सिस्टम बदलने की शुरुआत अपने गृह मंत्रालय और पीसीबी से ही करें, क्योंकि क्रिकेट प्रेमी भी उनके काम से खुश नहीं हैं।

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