Pakistan Independence Day: पाकिस्तान आज अपना स्वतंत्रता दिवस माना रहा है। लेकन इस दिन भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और उन्होंने टू-नेशन थ्योरी का समर्थन करते हुए 1947 में हुए बंटवारे को देश के लिए सम्मान बता दिया। शरीफ ने इसके अलावा बेर्शमी से ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को विजेता घोषित किया और इसे ऐतिहासिक जीत करार दिया।
शहबाज शरीफ ने स्वतंत्रता दिवस संंबोधन में बोलते हुए कहा कि, मरका-ए-हक ने पाकिस्तान की आजादी की पवित्रता को और अधिक मजबूत किया है और देश में एक नई राष्ट्रीय भावना को जन्म दिया है। उन्होंने इस दौरान भारत के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। और पाकिस्तानी सशस्त्र बलों की तारीफ में जमकर कसीदे पढ़ें।
शहबाज शरीफ सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पाकिस्तानी सशस्त्र बलों की जमकर तारीफ की। और उन्हें 'मजबूत किलेबंद दीवार' करार दिया गया, जिन्होंने 'अतीत के गौरव' को पुनर्जीवित किया और 'दुश्मन के झूठे घमंड को चकनाचूर' कर दिया। शरीफ ने लिखा, "यह केवल एक सैन्य विजय नहीं थी, बल्कि यह उस टू-नेशन थ्योरी की सच्चाई की पुष्टि थी, जिस पर हमारी प्यारी मातृभूमि की नींव रखी गई थी।"
शरीफ से पहले पाकिस्तानी सेना के प्रमुख आसिम मुनीर ने ही टू-नेशन थ्योरी का समर्तथ किया। मुनीर ने कहा कि, हमारे पूर्वजों का विश्वास था कि जीवन के हर क्षेत्र में हमारी पहचान हिंदुओं से अलग है। चाहे वह धर्म हो, रीति-रिवाज हों या जीवनशैली। यही विचार 'टू-नेशन थ्योरी' की बुनियाद बना, कि हम दो अलग-अलग राष्ट्र हैं। मुनीर ने कश्मीर को पाकिस्तान की गले की नस बताते हुए कहा कि, हमे ये नहीं भुलना चाहिए कि मुसलमान और हिंदू दो अलग-अलग राष्ट्र हैं।
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया था। इसके जवाब में पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी पर भारतीय सेना ने कड़ा पलटवार किया और 300 किलोमीटर भीतर तक घुसकर पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। इसके बाद से ही पाकिस्तान गुस्से में है।