शहबाज शरीफ और डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में पाकिस्तान की एंट्री, शहबाज ने स्वीकारा न्योता; गाजा में शांति के लिए मिलाया हाथ

Trump Gaza Peace Plan: ट्रंप के निमंत्रण पर पाकिस्तान ने गाजा शांति प्रयासों के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का फैसला किया है। पाक ने फिलिस्तीन राष्ट्र की मांग दोहराते हुए इसका समर्थन किया।

अमन उपाध्याय

Pakistan Joins Board of Peace: गाजा में लंबे समय से जारी हिंसक संघर्ष को समाप्त करने और मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पाकिस्तान ने आधिकारिक रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गठित अंतरराष्ट्रीय मंच ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने की घोषणा की है।

यह फैसला पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को ट्रंप की ओर से भेजे गए व्यक्तिगत निमंत्रण के बाद लिया गया है जिसे इस क्षेत्र में शांति प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शांति के लिए पाकिस्तान की शर्तें और उम्मीदें

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार, 21 जनवरी 2026 को जारी बयान में स्पष्ट किया कि बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होना गाजा संकट के समाधान के लिए किए जा रहे वैश्विक प्रयासों का हिस्सा है। मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के ढांचे के अंतर्गत गाजा शांति योजना का समर्थन करता है और इसी दिशा में यह कदम उठाया गया है। पाकिस्तान का मानना है कि यह मंच गाजा में हिंसा रोकने और मानवीय हालात सुधारने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

पाकिस्तान की प्रमुख बातें

पाकिस्तान ने बोर्ड ऑफ पीस के माध्यम से जिन प्रमुख उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की बात कही है उनमें सबसे पहला लक्ष्य गाजा में स्थायी और प्रभावी युद्धविराम सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही पाकिस्तान ने मानवीय सहायता में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी, युद्ध से तबाह हुए बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और प्रभावित नागरिकों को राहत पहुंचाने पर जोर दिया है। इस संदर्भ में पाकिस्तान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों के अनुरूप 1967 से पहले की सीमाओं पर आधारित एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की मांग दोहराई है जिसकी राजधानी यरूशलम (अल-कुद्स अल-शरीफ) हो।

क्या है 20-सूत्रीय एजेंडे?

'बोर्ड ऑफ पीस' का गठन राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा संकट से जुड़े अपने 20-सूत्रीय एजेंडे को लागू करने के उद्देश्य से किया है। इस बोर्ड का मुख्य कार्य गाजा का विसैन्यीकरण सुनिश्चित करना, मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण कार्यों की निगरानी करना तथा गाजा में विशेषज्ञों से युक्त एक टेक्नोक्रेटिक अंतरिम फिलिस्तीनी प्रशासन की स्थापना में मदद करना है।

क्या है 'बोर्ड ऑफ पीस' ?

इस बोर्ड की अध्यक्षता खुद डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं। इसके अन्य प्रमुख सदस्यों में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के दामाद और वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इन दिग्गजों की मौजूदगी के चलते बोर्ड ऑफ पीस को गाजा संकट के समाधान की दिशा में एक प्रभावशाली मंच माना जा रहा है।

सपा नेता सिनोद शाक्य को BJP ने बनाया प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही लिस्ट

Hotel Room Safety: होटल में चेक-इन करते ही करें ये 10 जरूरी काम, सुरक्षा में न करें लापरवाही

गुवाहाटी के होटल में अंधाधुंध फायरिंग, गोलीबारी में 6 लोगों की मौत; सामने आया खौफनाक VIDEO

SIR पर विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में सड़क पर उतरेंगे केंद्रीय मंत्री! क्या है BJP का प्लान?

SIR के तीनों आदेश सर्वसम्मति से लिए गए, चुनाव आयोग का सुप्रीम कोर्ट में जवाब