पाकिस्तान में इमरान खान के समर्थकों का इस्लामाबाद में मार्च 
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पाकिस्तान में इमरान खान के समर्थकों का हिंसक बना मार्च, 4 रेंजर्स कुचलकर मारे गए, शूट एट साइट ऑर्डर

पाकिस्तान में बीते दिन पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों ने बड़ी संख्या में इस्लामाबाद में मार्च किया। जिसके बाद से हालात बिगड‍़ते ही जा रहे हैं। इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर सैकड़ों समर्थक इस्लामाबाद में घुस गए हैं।

साक्षी सिंह

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में बीते दिन पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों ने बड़ी संख्या में इस्लामाबाद में मार्च किया। जिसके बाद से हालात बिगड‍़ते ही जा रहे हैं। इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर सैकड़ों समर्थक इस्लामाबाद में घुस गए हैं। इमरान के समर्थकों ने श्रीनगर हाईवे पर रेंजर्स को गाड़ियों से कुचल दिया। जिसमें 4 पैराट्रूपर्स की मौत हो गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, हमलों में अब तक 4 रेंजर्स और दो पुलिस अधिकारियों की जान जा चुकी है। जबकि अबतक 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।अनुच्छेद 245 के तहत पाकिस्तानी सेना को बुलाया गया है। साथ ही अशांति और आतंकवादियों से सख्ती से निपटने के लिए सख्त आदेश जारी किए गए हैं।

यही नहीं उपद्रव मचाने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश भी जारी कर दिया गया है। दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों ने इमरान की रिहाई की मांग के साथ ही संसद तक मार्च निकालकर धरना देने का ऐलान किया है। सरकार माहौल को देखते हुए सख्त नाकाबंदी की है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए नेशनल हाईवे पर बैरिकेड्स लगाए गए। लेकिन इमरान खान के समर्थकों ने बैरिकेड्स हटा दिए।

इस दौरान इमरान खान की पार्टी PTI के कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ हिंसक झड़प हुई।

साल 2023 अगस्त से जेल में बंद हैं इमरान खान

बता दें कि 72साल के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पिछले साल अगस्त से जेल में बंद हैं। उन्होंने राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के लिए आह्वान किया था। जिसमें उन्होंने चुराए गए जनादेश और लोगों की अन्यायपूर्ण गिरफ्तारी और 26वें संशोधन के पारित होने की निंदा की। साथ ही कहा कि इसने तानाशाही शासन को मजबूती मिली है।

खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर और खान की पत्नी बुशरा बीबी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने रविवार को तबाह हो चुके प्रांत से राजधानी पहुंचने के लिए अपनी यात्रा शुरू की, लेकिन उन्हें मार्ग में बाधाओं का सामना करना पड़ा। प्राधिकारियों ने ‘शिपिंग कंटेनर’ रखकर राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें हटाने वाले उपकरणों और अन्य भारी मशीनों की मदद से बाधाओं को हटाया, हालांकि इससे प्रदर्शन के दौरान उनकी गति और योजनाएं प्रभावित हुईं।

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