Pakistan Fighter Jets Saudi Deployment: अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव और शांति वार्ता फेल होने के बाद पाकिस्तान ने एक अहम सैन्य कदम उठाया है। पाकिस्तान(Pakistan) ने सऊदी अरब में अपने फाइटर जेट तैनात कर दिए हैं। यह तैनाती दोनों देशों के बीच सितंबर 2025 में हुए रक्षा समझौते के तहत की गई है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू और सहयोगी विमान शनिवार को सऊदी अरब के किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पर पहुंचे।
इस समझौते के तहत यह प्रावधान है कि यदि किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। वहीं, ईरान युद्ध से जुड़े ताजा घटनाक्रम में अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में करीब 21 घंटे तक चली लंबी बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस डील नहीं बन सकी। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी शर्तें पहले ही स्पष्ट कर चुका था, मगर ईरान ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। वेंस ने यह भी कहा कि इस वार्ता का निष्कर्ष अमेरिका की तुलना में ईरान के लिए ज्यादा नकारात्मक साबित हो सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा चाहे वह अभी हो या आने वाले 2 से 5 वर्षों में। वेंस के इस बयान से संकेत मिलता है कि बातचीत जारी रहने के बावजूद अमेरिका अपने सख्त रुख पर कायम है और परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा सबसे अहम शर्त बना हुआ है। ऐसे में दोनों देशों के बीच संभावित समझौते को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फेल होने के बाद एक बार फिर से युद्ध शुरू होने का खतरा मंडराने लगा है। इस बीच पाकिस्तान(Pakistan) ने सउदी अरब में अपने फाइटर जेट्स तैनात किए हैं। इससे यह आशंका बढ़ गई है कि अगर ईरान सउदी पर हमला करता है तो पाकिस्तान भी इस युद्ध में शामिल होगा।
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पाकिस्तान(Pakistan) और सऊदी अरब के बीच रक्षा संबंधों की यह मजबूती पिछले साल सितंबर में हुए एक महत्वपूर्ण समझौते का हिस्सा है। इस समझौते के तहत यह तय किया गया था कि किसी भी एक देश पर होने वाला सैन्य हमला दोनों देशों पर हमला माना जाएगा।