पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बम ब्लास्ट (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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Pakistan Blast: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में फिर से हुआ जोरदार धमाका, दो लोगों की मौत, जांच जारी

Pakistan Blast: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार को एक जोरदार धमाका हुआ। इस धमाके में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक स्थानीय नेता बाल-बाल बच गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

प्रिया सिंह

Pakistan Blast Two Killed In Huge Explosion In Khyber Pakhtunkhwa: पाकिस्तान में एक बार फिर से अशांति और खौफ का माहौल है। शनिवार को उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में एक बहुत ही जोरदार धमाका हुआ है। इस भयानक धमाके में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है और पूरे इलाके में भारी दहशत फैल गई है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षाबलों ने मौके पर पहुंचकर अपनी जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि इस जानलेवा हमले के समय मौके पर एक स्थानीय नेता भी मौजूद थे जो बाल-बाल बच गए। पुलिस ने हमले में मारे गए दोनों लोगों के शवों को कब्जे में लेकर खार अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने इस बड़े और खौफनाक धमाके की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से नहीं ली है। धमाके के बाद से ही पूरे इलाके में भारी अफरा-तफरी और तनाव का माहौल स्पष्ट रूप से बना हुआ है।

बाजौर जिले में हुआ धमाका

यह दिल दहला देने वाली घटना अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में घटी है। सलारजई तहसील में स्थित ताली बांध के पास यह जोरदार धमाका हुआ जिसने सबको चौंका दिया। पुलिस के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले दोनों लोग बाजौर जिले के ही रहने वाले थे। मारे गए लोगों की पहचान सुलेमान कारी और गुलाम के रूप में स्पष्ट तौर पर की गई है।

लगातार हो रहे हैं आतंकी हमले

उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत पिछले कुछ सालों से लगातार भारी अशांति का सामना कर रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यहां बढ़ रही उग्रवादी हिंसा और अफगानिस्तान से लड़ाकों की सीमा-पार आवाजाही है। इलाके में बार-बार होने वाले सैन्य अभियानों के कारण भी आम जनता को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' यहां लगातार हिंसक हमलों को आसानी से अंजाम देता रहा है।

टीटीपी ने बढ़ाई मुश्किलें

पाकिस्तान की संघीय सरकार का साफ आरोप है कि आतंकी संगठन टीटीपी ने नवंबर 2022 में संघर्ष-विराम समझौता तोड़ दिया था। इसके बाद से ही अफगानिस्तान से सटे प्रांतों में आतंकी हमलों की संख्या में काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है। इन हमलों में न सिर्फ आम नागरिक बल्कि सुरक्षाबलों को भी अपना निशाना लगातार और बेरहमी से बनाया जा रहा है। सरकार और पुलिस इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए अपनी तरफ से लगातार कड़े प्रयास कर रही है।

पहले भी गई 15 जवानों की जान

इससे पहले 24 जुलाई को भी पाकिस्तान के इसी प्रांत में एक बहुत ही बड़ा आत्मघाती हमला हुआ था। बन्नू जिले में एक हमलावर ने विस्फोटकों से भरी अपनी गाड़ी सुरक्षा चौकी से सीधे टकरा दी थी। उस भयानक आत्मघाती हमले में सेना के 12 सैनिकों और 2 पुलिसकर्मियों सहित 15 सुरक्षाकर्मियों की दर्दनाक मौत हो गई थी। मृतकों में वन विभाग का एक पूर्व सरकारी अधिकारी भी शामिल था, जो आतंकवाद की भयावहता को साफ दर्शाता है।

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