अजीत डोभाल, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

खालिस्तान पर होगा बड़ा एक्शन! अगले महीने कनाडा दौरे पर NSA अजीत डोभाल, क्या सुधरेंगे भारत के बिगड़े रिश्ते?

India-Canada Relations: भारत के NSA अजीत डोभाल अगले महीने ओटावा जा रहे हैं। इस दौरे पर खालिस्तानी चरमपंथ और सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी, जिससे 2023 से बिगड़े रिश्तों को नई दिशा मिल सकती है।

अमन उपाध्याय

NSA Ajit Doval Canada Visit: भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से चली आ रही कूटनीतिक तल्खी अब सुधार की ओर बढ़ती दिख रही है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल अगले महीने की शुरुआत में कनाडा की राजधानी ओटावा का दौरा करेंगे। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे दोनों देशों के बीच बिगड़े संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

सुरक्षा और खालिस्तान पर केंद्रित होगी बातचीत

डोभाल का यह दौरा मुख्य रूप से 'सिक्योरिटी एंड लॉ एनफोर्समेंट डायलॉग' का हिस्सा है। इस उच्च स्तरीय चर्चा का मुख्य एजेंडा खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों पर नकेल कसना और दोनों देशों में नागरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। भारत ने लगातार यह चिंता जताई है कि कनाडा की धरती का इस्तेमाल पंजाब में अलगाववाद और हिंसा फैलाने के लिए किया जा रहा है। भारत के ओटावा स्थित उच्चायुक्त दिनेश पटनायक के अनुसार, दोनों पक्ष इस बात पर विस्तार से चर्चा करेंगे कि किसी भी देश की जमीन का इस्तेमाल दूसरे देश के खिलाफ आतंकवादी संगठनों या आपराधिक गिरोहों द्वारा न किया जा सके। वर्तमान में कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) और भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी के बीच भी वर्चुअल माध्यम से सहयोग जारी है।

ऐतिहासिक तनाव और सुधार की कोशिशें

भारत और कनाडा के रिश्तों में साल 2023 में उस समय भारी गिरावट आई थी, जब तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया था। इसके बाद दोनों देशों ने अपने-अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया था। हालांकि, सितंबर 2025 में दिल्ली में अजीत डोभाल और कनाडा की सुरक्षा सलाहकार नथाली ड्रोइन के बीच हुई मुलाकात के बाद से बर्फ पिघलनी शुरू हुई है। डोभाल का यह ओटावा दौरा उसी बातचीत का अगला स्वाभाविक कदम है।

रणनीतिक समझौतों की उम्मीद

यह दौरा केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी मार्च में भारत आने वाले हैं, जो उनकी पहली द्विपक्षीय भारत यात्रा होगी। डोभाल के दौरे के दौरान इस यात्रा की नींव रखी जाएगी, जिसमें यूरेनियम, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्यापार से जुड़े कई बड़े समझौतों पर मुहर लगने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि डोभाल का यह मिशन भारत-कनाडा संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है।

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