त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट रेस्क्यू मिशन (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

Tunnel Rescue: नेपाल की हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने पहुंची भारतीय विशेषज्ञों की टीम

Nepal Tunnel Rescue: नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे 400 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय सेना की विशेष तकनीकी टीम ने बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

प्रिया सिंह

Nepal Tunnel Rescue Mission: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। सबसे गंभीर स्थिति अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के आसपास बताई जा रही है, जहां बड़ी संख्या में लोगों के सुरंगों और प्रभावित क्षेत्रों में फंसे होने की आशंका है। राहत कार्यों में सहयोग के लिए भारतीय विशेषज्ञों की एक विशेष तकनीकी टीम नेपाल पहुंची है और नेपाली सेना व स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर स्थिति का आकलन कर रही है।

बताया जा रहा है कि भारतीय टीम में सुरंग और आपदा राहत से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम आवश्यक तकनीकी उपकरणों के साथ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर सुरक्षित बचाव मार्ग तलाशने और सुरंगों के भीतर मौजूद लोगों तक पहुंचने की संभावनाओं का अध्ययन कर रही है।

भारतीय विशेषज्ञों ने किया प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण

नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया है। टीम ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के आसपास की भौगोलिक स्थिति का हवाई सर्वेक्षण किया।

इस सर्वेक्षण का उद्देश्य सुरंगों के प्रवेश और निकास मार्गों पर जमा मलबे, टूटे हुए रास्तों और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करना है। भारी भूस्खलन और लगातार खराब मौसम के कारण बचाव दलों को मौके तक पहुंचने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

भारतीय विशेषज्ञ नेपाली सेना के साथ समन्वय कर रसुवा क्षेत्र में स्थित प्रभावित हाइड्रोपावर परियोजनाओं में संभावित बचाव अभियान की योजना बना रहे हैं। हालांकि, सुरंगों में फंसे लोगों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं।

रसुवागढ़ी क्षेत्र में कई लोग अब भी लापता

चीन सीमा के पास स्थित रसुवागढ़ी और आसपास के इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। नेपाल के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले कई कर्मचारियों से बाढ़ आने के बाद संपर्क टूट गया था।

रिपोर्टों के मुताबिक रसुवागढ़ी प्रोजेक्ट और अपर त्रिशूली 3A समेत कई परियोजनाओं के कर्मचारी लापता बताए गए हैं। कुछ जगहों पर कर्मचारियों के आवासीय शिविर भी भूस्खलन के मलबे में दब गए, जिससे तलाशी और बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।

मलबे के कारण सड़क संपर्क टूटने से भारी मशीनों और राहत उपकरणों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाना मुश्किल बना हुआ है। ऐसे में कई जरूरी उपकरणों को हेलीकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट करने की व्यवस्था की जा रही है।

राहत अभियान जारी, नुकसान का आकलन भी शुरू

भारतीय विशेषज्ञों ने चिलिमे और लांगटांग जैसे दुर्गम क्षेत्रों की स्थिति का भी जायजा लिया है। जरूरत पड़ने पर इन इलाकों में भी तकनीकी सहायता और बचाव अभियान बढ़ाया जा सकता है।

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण मृतकों और लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। साथ ही हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है।

नेपाल सरकार अब राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रोजेक्ट की चुनौतियों का भी आकलन कर रही है। सुरंगों और दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना फिलहाल बचाव एजेंसियों की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। भारतीय विशेषज्ञों और नेपाली सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से आने वाले दिनों में रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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