नेपाल में भूस्खलन Source- Social Media
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Nepal: देखते ही देखते नदी में समा गया पहाड़, अब तक 14 की मौत; एक महीने में दूसरी बार तबाही

Nepal Landslide: नेपाल में भारी बारिश के बीच मुस्तांग में पहाड़ का हिस्सा कालीगंडकी नदी में गिरने से 14 लोगों की मौत हुई। नारायणी नदी में बाढ़ के तेज बहाव में क्रूज शिप भी बह गया।

अर्पित शुक्ला

Nepal Kali Gandaki Flood: नेपाल में भारी बारिश के बीच रविवार को एक और बड़ा हादसा हो गया। मुस्तांग जिले में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर कालीगंडकी नदी में जा गिरा। इस हादसे में 14 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पहाड़ से चट्टानों और मिट्टी का मलबा तेजी से नीचे गिरता दिखाई दे रहा है।

वीडियो में कुछ ही सेकेंड में भारी मात्रा में मलबा ढलान से नीचे आता नजर आ रहा है। देखते ही देखते नदी का रास्ता मलबे से भर गया। हादसे के बाद आसपास के इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

बाढ़ के बहाव में बहा क्रूज शिप

नेपाल में लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच नारायणी नदी में भी बड़ा हादसा हुआ। नदी किनारे बंधे एक क्रूज शिप की रस्सी टूट गई, जिसके बाद जहाज तेज बहाव के साथ करीब 100 मीटर तक बहता चला गया।

इसके बाद क्रूज शिप नदी पर बने पुल के एक पिलर से टकरा गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी के आसपास के इलाकों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।

एक महीने में दूसरी बड़ी बाढ़

नेपाल में पिछले कुछ समय से लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। नेपाल सरकार के अनुसार, इस आपदा में मौतों और लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ती रही और राहत एवं बचाव अभियान कई दिनों तक जारी रहा। 2 सितंबर के आधिकारिक अपडेट में 1,114 शव बरामद होने और करीब 3,900 लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी दी गई थी।

भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बरकरार

भोटेकोशी बाढ़ से सड़क, पुल, मकान और हाइड्रोपावर परियोजनाओं समेत कई महत्वपूर्ण ढांचे प्रभावित हुए थे। नेपाल सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए सुरक्षा बलों के साथ स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को भी लगाया था।

लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच नेपाल में नए भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

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