नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन अपडेट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Nepal Flood Update: नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से 781 की मौत, 2502 लापता, 17 हजार जवानों ने संभाला राहत अभियान

Nepal Flood Update: नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से 781 लोगों की मौत हुई है और 2,502 लोग लापता हैं, जबकि राहत व बचाव कार्य में जुटे सुरक्षा बलों ने अब तक 9,435 लोगों को सुरक्षित निकाला है।

प्रिया सिंह

Nepal Flood Relief Operations Update: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। देश के कई पहाड़ी और मैदानी इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नेपाल सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 781 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,502 लोग अभी भी लापता हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल के हजारों जवान प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं। अब तक 9,435 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

781 लोगों की मौत, कई जिलों में भारी तबाही

नेपाल के गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण ने 30 अगस्त की शाम तक के आंकड़े जारी किए हैं। इनके अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में चितवन और नवलपरासी शामिल हैं।

चितवन जिले से अब तक 272 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा नवलपरासी पूर्व में 199 और नवलपरासी पश्चिम में 100 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। गोरखा में 58, नुवाकोट में 52, धादिंग में 50, तनहूं में 37 और रसुवा में 13 लोगों के शव बरामद किए गए हैं।

आपदा में कई शवों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। ऐसे शवों को विभिन्न अस्पतालों में सुरक्षित रखा गया है और प्रशासन उनकी पहचान के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

2,502 लोग लापता, सुरक्षाकर्मी भी शामिल

इस भयावह प्राकृतिक आपदा के बाद 2,502 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या आम नागरिकों की है, लेकिन राहत और सरकारी कार्यों से जुड़े कई कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी भी संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं।

लापता लोगों में नेपाल पुलिस के 25, नेपाली सेना के 45 और सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान शामिल हैं। इसके अलावा सीमा शुल्क और इमिग्रेशन विभाग के कुछ कर्मचारी भी लापता बताए गए हैं।

रसुवा जिले से सबसे अधिक 563 लोगों के लापता होने की सूचना है। नुवाकोट से 115 और विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े 133 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर हैं। प्रशासन लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमें और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा है।

17 हजार से अधिक जवानों ने संभाला राहत अभियान

नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्य को तेज करने के लिए कुल 17,088 सुरक्षाकर्मियों को मैदान में उतारा है। इनमें नेपाल पुलिस के 7,594 नेपाली सेना के 5,291 और सशस्त्र पुलिस बल के 4,203 जवान शामिल हैं।

अब तक सुरक्षा बलों ने 9,435 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। नेपाली सेना ने हेलीकॉप्टरों के जरिए हजारों लोगों को दुर्गम इलाकों से निकाला है, जिनमें नेपाली नागरिकों के साथ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

जलविद्युत परियोजनाओं और सुरंगों में फंसे लोगों को निकालना राहत अभियान की सबसे बड़ी चुनौतियों में बना हुआ है। सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए विशेषज्ञ टीमें लगातार काम कर रही हैं।

सरकार ने भेजी राहत सामग्री और नकद सहायता

प्रभावित जिलों में राहत सामग्री, ईंधन और आवश्यक दवाइयां पहुंचाने का काम भी तेजी से जारी है। सरकार ने रसुवा और नुवाकोट को एक-एक करोड़ रुपये की नकद सहायता उपलब्ध कराई है, जबकि अन्य प्रभावित क्षेत्रों को भी आर्थिक मदद भेजी गई है।

आपदा प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं और गंभीर रूप से घायल लोगों का अस्पतालों में इलाज जारी है। नेपाल में आई इस भयावह आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता अब भी लापता लोगों को खोजने और प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने की है।

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