नेपाल के बीपी हाईवे पर 300 मीटर गहरी खाई में गिरी बस(फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
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नेपाल के बीपी हाईवे पर 300 मीटर गहरी खाई में गिरी बस, 8 यात्रियों की दर्दनाक मौत, 16 लोग घायल

Nepal Bus Accident: नेपाल के कावरेपालनचोक जिले में यात्रियों से भरी एक बस सड़क से फिसलकर करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 यात्री घायल हुए हैं।

करुणा नंद शाहवाल

Nepal Bus Accident On BP Highway: नेपाल में एक बार फिर भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे शोक में डाल दिया है। नेपाल के सेंट्रल कावरेपालनचोक जिले के बुच्चाकोट इलाके में बीपी हाईवे के पास सड़क दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हो गई। बीपी हाईवे के पास एक पैसेंजर बस सड़क किनारे खाई में गिर गई। जिला प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलने पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया।

कवरेपालनचोक के जिला प्रमुख गोपाल कुमार अधिकारी ने बताया कि बस में सवार कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 घायल यात्रियों का जिले के धुलीखेल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। अधिकारी ने कहा, "घायलों में से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।" घटना के बाद, पुलिसवालों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर घायलों को बचाया और हॉस्पिटल पहुंचाया।

300 मीटर गहरी खाई में गिरी बस

यह दुर्घटना बीपी हाईवे के पास उस समय हुई जब बस बनेपा से सुंगुरे की ओर जा रही थी। इसी दौरान शुक्रवार दोपहर नमोबुद्धा म्युनिसिपैलिटी के बुच्चाकोट में एक खाई में गिर गई। हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 यात्री घायल हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि बस हाईवे से करीब 300 मीटर नीचे गिर गई। दुर्घटना का कारण अभी तक पता नहीं चला है।

नेपाल में बढ़ रहे सड़क हादसे चिंता का विषय

हाल के सालों में नेपाल में सड़क हादसों में बढ़ोतरी देखी गई है, साथ ही सड़कों पर गाड़ियों की संख्या भी बढ़ी है। एक दशक पहले, नेपाल ट्रैफिक पुलिस ने 4,999 सड़क हादसों की रिपोर्ट दी थी। आधिकारिक डेटा के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश में 7,669 सड़क हादसे और 1,900 मौतें दर्ज की गईं। कुल हादसों में से 278 को गंभीर श्रेणी में रखा गया। बड़ी संख्या में लोगों की मौत के अलावा, सड़क सुरक्षा के मामलों का बड़ा आर्थिक प्रभाव भी पड़ता है।

नेपाल वर्ल्ड बैंक से आई रिपोर्ट

नेपाल में वर्ल्ड बैंक के एक अध्ययन में पाया गया कि सड़क हादसों के कारण आर्थिक लागत 2007 से तीन गुना बढ़ गई है। अब यह देश के सकल राष्ट्रीय उत्पाद का 1.5 फीसदी है। हादसों का गरीबों पर भी बहुत बुरा और बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है।

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