Nagasaki Day History And Facts: 9 अगस्त 1945 को जापानी शहर नागासाकी पर हुआ परमाणु हमला इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक है। हिरोशिमा पर हमले के ठीक तीन दिन बाद इस शहर को निशाना बनाया गया था। इस भीषण परमाणु हमले ने कुछ ही सेकंड में पूरे नागासाकी शहर को मलबे में बदल दिया था।
अमेरिकी बी-29 बॉम्बर बोक्सकार ने नागासाकी पर फैट मैन नाम का शक्तिशाली परमाणु बम गिराया था। इस घातक हथियार की मारक क्षमता 21 किलोटन टीएनटी के बराबर थी। पहाड़ी इलाका होने के बावजूद इस धमाके के कारण तुरंत 70,000 से अधिक बेकसूर लोगों की मौत हो गई थी।
9 अगस्त 1945 की सुबह 11:02 बजे जापान के नागासाकी पर इतिहास का दूसरा परमाणु बम गिराया गया था। विमान से गिराया गया प्लूटोनियम आधारित फैट मैन बम जमीन से 500 मीटर ऊपर फटा। इस धमाके के साथ उठी भीषण लपटों और शॉकवेव ने शहर के बड़े हिस्से को पल भर में तहस-नहस कर दिया।
नागासाकी विस्फोट में उत्पन्न अत्यधिक तापमान ने हजारों लोगों को तुरंत भाप में बदल दिया था। इस हमले के भयावह प्रभाव से वर्ष 1945 के अंत तक कुल मौतों की संख्या बढ़कर 74,000 से अधिक पहुंच गई थी। चारों तरफ केवल धुएं का गुबार, आग और चीख-पुकार का खौफनाक मंजर ही नजर आ रहा था।
इस हमले के बाद फैले जहरीले परमाणु विकिरण ने जीवित बचे लोगों को जीवनभर के लिए असाध्य बीमारियों का शिकार बनाया। वहां जन्म लेने वाले बच्चों में जन्मजात विकार, कैंसर और ल्यूकेमिया जैसी गंभीर समस्याएं देखी गईं। यह इस बात का प्रमाण है कि परमाणु हथियारों का घातक प्रभाव पीढ़ियों तक बना रहता है।
इस अकल्पनीय तबाही के बाद 15 अगस्त 1945 को जापान ने बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण करने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही कई वर्षों से चला आ रहा द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हो गया। हालांकि इस युद्ध के अंत के लिए पूरी मानवता को बहुत भारी और असहनीय कीमत चुकानी पड़ी थी।
नागासाकी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया को परमाणु युद्ध के भयावह दुष्परिणामों के प्रति हमेशा आगाह करना है। नागासाकी पीस पार्क में हर साल हजारों लोग एकत्र होकर शहीदों को नमन करते हैं। यह दिन सभी शक्तिशाली देशों को परमाणु हथियारों को समाप्त करने की महत्वपूर्ण सीख देता है।
नागासाकी दिवस इतिहास और शांति संदेश हमें याद दिलाता है कि हमें मिलकर एक ऐसा सुरक्षित विश्व बनाना होगा जहां भविष्य में ऐसी तबाही दोबारा न हो। यह दिन वैश्विक स्तर पर परमाणु निरस्त्रीकरण और स्थायी शांति स्थापित करने की मजबूत प्रेरणा देता है, जिसकी आज बहुत बड़ी जरूरत है।