Myanmar President Visit India: म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग अपनी पांच दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए भारत पहुंच चुके हैं। उन्होंने अपने इस ऐतिहासिक भारत दौरे की शानदार शुरुआत बिहार के पवित्र शहर बोधगया से की है। पड़ोसी देश के साथ संबंधों को और भी मजबूत करने के लिए उनका यह दौरा बेहद खास माना जा रहा है। बोधगया हवाई अड्डे पर उनके आगमन पर उनका बहुत ही गर्मजोशी के साथ विशेष स्वागत किया गया।
हवाई अड्डे पर बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने उन्हें पूरे सम्मान के साथ रिसीव किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रपति के बोधगया पहुंचने की कुछ खास तस्वीरें भी लोगों के साथ साझा करके खुशी जताई। यह अहम यात्रा दोनों देशों के गहरे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक संबंधों को बहुत ही मजबूती से दर्शाती है।
भारत और म्यांमार के बीच सहयोग और पारस्परिक साझेदारी को यह यात्रा और भी ज्यादा मजबूती प्रदान करेगी। राष्ट्रपति ह्लाइंग 30 मई से 3 जून 2026 तक भारत की इस अहम और आधिकारिक यात्रा पर रहने वाले हैं। उनके साथ कई कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों का एक बहुत ही उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है।
राष्ट्रपति के रूप में यू मिन आंग ह्लाइंग का यह पहला और बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण भारत दौरा है। राजधानी नई दिल्ली में 1 जून को उनकी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस खास बातचीत में दोनों देशों के सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करने पर गहराई से चर्चा की जाएगी।
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बोधगया और दिल्ली के बाद 2 जून को म्यांमार के राष्ट्रपति का देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जाने का कार्यक्रम है। मुंबई में वे व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े कई अहम कार्यक्रमों और बैठकों में प्रमुख रूप से हिस्सा लेंगे। इसके अलावा राष्ट्रपति ह्लाइंग एक खास बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगे और कई स्थलों का भ्रमण करेंगे।
म्यांमार भारत के लिए एक बहुत ही खास और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पड़ोसी साझेदार देश माना जाता है। यह देश भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और 'महासागर' जैसी अहम नीतियों के बिल्कुल केंद्र में स्थित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से भारत-म्यांमार के आपसी संबंधों को बहुत अधिक गहराई और नई ताकत मिलेगी।