Moscow Drone Attack In Russia: रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन यूक्रेन ने अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है। यूक्रेन की ओर से रात भर में रूस के अलग अलग हिस्सों में 1600 से अधिक ड्रोन दागे गए।
इनमें से करीब 450 ड्रोन सीधे राजधानी मॉस्को की ओर भेजे गए थे, जिससे शहर में भारी तबाही मची। इस भीषण हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और मॉस्को की प्रमुख तेल रिफाइनरी को गंभीर नुकसान पहुंचा।
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इसे राजधानी पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला बताया। हमले के दौरान मॉस्को की प्रमुख तेल रिफाइनरी के मुख्य प्लांट को गंभीर नुकसान पहुंचा। रिफाइनरी में आग लगने के बाद आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया।
हमले का असर राजधानी के रिहायशी इलाकों में भी देखने को मिला। एक यूक्रेनी ड्रोन के 21 मंजिला आवासीय इमारत से टकराने के बाद वहां आग लग गई। आपातकालीन टीमों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के मुताबिक, ड्रोन हमले के दौरान मलबे की चपेट में आने से 44 वर्षीय महिला और 74 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। इस घटना में कई लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
रिहायशी इमारत में आग लगने के बाद राहत और बचाव टीमों ने करीब 400 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें लगभग 70 बच्चे भी शामिल थे। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया के जरिए हमले की जानकारी साझा की। उनके अनुसार, इस अभियान में यूक्रेन में निर्मित फ्लेमिंगो और पेलिकन मिसाइलों के साथ ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
जेलेंस्की ने दावा किया कि हमले का मुख्य निशाना रूस की तेल, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाएं थीं। उनके मुताबिक, ऐसे हमलों का उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता को आर्थिक रूप से कमजोर करना है।
यूक्रेन लंबे समय से लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों के जरिए रूस के भीतर मौजूद सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाता रहा है। हालांकि, इस हमले से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस यूनिट्स ने 1100 से ज्यादा ड्रोन को नष्ट किया। रूसी अधिकारियों के अनुसार, क्रीमिया और काला सागर के ऊपर उड़ रहे कई ड्रोन भी मार गिराए गए।
मेयर सोबयानिन ने कहा कि मॉस्को की ओर बढ़ रहे करीब 450 ड्रोन को हवा में ही नाकाम कर दिया गया। रूसी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि यह हमला संसदीय चुनाव की प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश थी।
फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह रूस में आयोजित पहला युद्धकालीन संसदीय चुनाव बताया गया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी चुनाव के दौरान यूक्रेन पर हस्तक्षेप और बाधा डालने का आरोप लगाया।