Houthi vs Saudi Arabia: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष और बढ़ गया है। इसी बीच सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस ने यमन से आए एक हूती ड्रोन को मक्का के दक्षिण में इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन को पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही मार गिराया गया।
इस घटना के बाद मक्का, जेद्दा और ताइफ में कुछ समय के लिए इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, मक्का में मौजूदा मिडिल ईस्ट युद्ध शुरू होने के बाद यह इस तरह का पहला इमरजेंसी अलर्ट था। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक, 15 सितंबर की शाम करीब 6:50 बजे सऊदी एयर डिफेंस ने मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को इंटरसेप्ट किया। उन्होंने कहा कि ड्रोन को पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिया गया।
सऊदी पक्ष ने इसे मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश बताया है। इससे पहले 2017 में भी मक्का की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने का दावा किया गया था। हालांकि, हूती विद्रोहियों ने इस बार मक्का को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है।
सऊदी सिविल डिफेंस ने मंगलवार को मक्का, जेद्दा और ताइफ में संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया। लोगों से शांत रहने, सुरक्षित स्थानों पर जाने और खुले इलाकों, खिड़कियों, बालकनी तथा छतों से दूर रहने की अपील की गई।
AFP के मुताबिक, मक्का में जारी किया गया अलर्ट मौजूदा मिडिल ईस्ट युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार था। हालांकि, खतरा टलने के बाद इसे जल्द ही हटा लिया गया।
मक्का के करीब ड्रोन घटना ऐसे समय हुई है जब यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच लड़ाई तेज हो गई है। हालिया संघर्ष में 500 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की रिपोर्टें सामने आई हैं।
संघर्ष बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। AP और अन्य रिपोर्टों के मुताबिक, हजारों लोग दक्षिणी यमन की ओर भाग रहे हैं, जबकि करीब 94 हजार लोगों के विस्थापित होने की रिपोर्ट सामने आई है। 2,000 से ज्यादा यमनी नागरिक समुद्र के रास्ते जिबूती भी पहुंचे हैं।