संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

लेबनान में सीजफायर के चंद घंटों बाद गूंजी गोलियां; UN शांति सैनिकों पर हुआ हमला, मैक्रों ने जताया कड़ा विरोध

Lebanon Ceasefire: लेबनान में सीजफायर लागू होने के बाद UNIFIL पर हुए हमले में फ्रांस के एक सैनिक की मौत हो गई और तीन घायल हैं। राष्ट्रपति मैक्रों ने हमले के लिए हिजबुल्लाह को जिम्मेदार ठहराया है।

अमन उपाध्याय

Lebanon Ceasefire UN Peacekeeper: इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हुए 10 दिनों के सीजफायर के प्रभावी होने के महज कुछ घंटों बाद ही लेबनान के दक्षिणी क्षेत्र से हिंसा की बड़ी खबर सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के एक गश्ती दल पर शनिवार सुबह छोटे हथियारों से हमला किया गया, जिसमें फ्रांस के एक शांति सैनिक की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। घायलों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घात लगाकर किया गया हमला

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और UNIFIL बल के अनुसार, यह हमला दक्षिणी लेबनान के घनदौरिया गांव के पास हुआ। फ्रांसीसी सशस्त्र बल मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने जानकारी दी कि सैनिक एक ऐसे मार्ग को खोलने के मिशन पर थे जो पिछले कुछ दिनों से भीषण लड़ाई के कारण अलग-थलग पड़ गया था। इसी दौरान अज्ञात बंदूकधारियों ने शांति सैनिकों के काफिले को निशाना बनाकर बहुत करीब से सीधी गोलीबारी की। मृतक सैनिक की पहचान स्टाफ सार्जेंट फ्लोरियन मोंटोरियो के रूप में हुई है जो 17वीं पैराशूट इंजीनियर रेजिमेंट के सदस्य थे।

हिजबुल्लाह पर लगा आरोप

राष्ट्रपति मैक्रों ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर हिजबुल्लाह को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि 'सभी सबूत संकेत देते हैं कि यह हमला हिजबुल्लाह ने ही किया है' इसके साथ ही उन्होंने लेबनान के अधिकारियों से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। हालांकि, हिजबुल्लाह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। समूह ने एक बयान जारी कर कहा कि उनके खिलाफ जल्दबाजी में आरोप लगाए जा रहे हैं जबकि लेबनान की सेना की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। हिजबुल्लाह ने शांति सैनिकों को सलाह दी कि वे अपने अभियानों में लेबनान की सेना के साथ समन्वय करें।

नाजुक स्थिति में सीजफायर

इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच यह युद्ध 2 मार्च को शुरू हुआ, जब ईरान समर्थित समूह ने अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त हमले शुरू करने के बाद इजरायल पर रॉकेट दागे। इस हमले में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई बड़े अधिकारी मारे गए थे।

इस युद्ध में अब तक लेबनान में लगभग 2,300 लोगों की जान जा चुकी है और 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित संघर्षविराम गुरुवार आधी रात से लागू हुआ था लेकिन इन हमले ने इसकी स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हमले की जांच शुरू

लेबनान की सैन्य अदालत ने इस हमले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों की पहचान के लिए सेना की खुफिया शाखा के साथ समन्वय किया जा रहा है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। दूसरी ओर, इजरायली सेना ने भी शनिवार को दक्षिण लेबनान में हवाई और जमीनी हमले किए।

इजरायल का दावा है कि उग्रवादियों ने येलो लाइन के पास आकर सीजफायर का उल्लंघन किया था जिसके जवाब में उन्हें कार्रवाई करनी पड़ी। हालांकि, सीजफायर समझौते में इस येलो लाइन का कोई आधिकारिक उल्लेख नहीं है। हिजबुल्लाह नेता महमूद कम्मती ने चेतावनी दी है कि वे अब इजरायली हमलों के खिलाफ 'रणनीतिक धैर्य' की नीति नहीं अपनाएंगे।

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