Iran Peace Deal 60 Day Ceasefire To Reopen Hormuz Strait: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के खतरे को टालने के लिए 60 दिन के सीजफायर समझौते पर सहमति बन रही है। यह बड़ा समझौता मध्य पूर्व में लंबे समय से चल रहे भारी तनाव को कम करने की दिशा में अहम कदम है। रिपोर्ट के अनुसार इस ऐतिहासिक समझौते के तहत होर्मुज को फिर से खोला जाएगा ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके। इसके बदले में अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी रोक में ढील देगा और उसे खुलकर तेल बेचने की इजाजत मिलेगी।
प्रस्तावित समझौते में ईरान यह वादा करेगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा। ईरान अपने हाईली एनरिच्ड यूरेनियम प्रोग्राम को पूरी तरह सीमित करने और 400 किलो भंडार को हटाने पर सहमत हो गया है। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि इस खतरनाक यूरेनियम को देश से बाहर कैसे और कहां भेजा जाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस बड़े समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अपने सलाहकारों के साथ बहुत अहम बैठक कर रहे हैं।
समझौते के दौरान ईरान होर्मुज स्ट्रेट में लगाई गई अपनी सभी बारूदी सुरंगों को हटाने पर पूरी तरह से सहमत हो सकता है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है जहां से बड़े व्यापारिक जहाज गुजरते हैं। इसके खुलने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों और वैश्विक सप्लाई चेन को एक बहुत ही बड़ी आर्थिक राहत मिल सकती है। ईरान युद्ध खत्म करने के लिए अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम भंडार पूरी तरह से छोड़ने को अब तैयार हो गया है। इजराइल का कहना है कि यह 400 किलो यूरेनियम लगभग 11 परमाणु बम बनाने के लिए पूरी तरह से काफी हो सकता है। अमेरिका का आरोप रहा है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की क्षमता के बहुत करीब पहुंच चुका है जिससे बड़ा खतरा है।
अमेरिका और ईरान के बीच हो रहे इस शांति समझौते को लेकर इजराइल में राजनीतिक चिंता बहुत ज्यादा बढ़ गई है। ट्रम्प सरकार ने इस वार्ता में इजराइल की भूमिका सीमित कर दी है जिससे प्रधानमंत्री नेतन्याहू को भारी राजनीतिक झटका लगा है। इजराइल का मानना है कि यह समझौता ईरान को भविष्य में अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने का एक बड़ा हथियार आसानी से दे सकता है। एक तरफ शांति वार्ता चल रही है और वहीं दूसरी ओर इजराइल ने लेबनान में कई बड़े हवाई हमले लगातार किए हैं। इन खतरनाक और जानलेवा हवाई हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य नागरिक बुरी तरह घायल हैं। राहत और बचाव टीमें लगातार भारी मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने के अहम काम में पूरी तरह से जुटी हुई हैं।
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मिडिल ईस्ट संकट और कच्चे तेल के काफी महंगा होने से भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें एक बार फिर से बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का दाम 99.51 रुपये और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने पर ग्लोबल अर्थव्यवस्था और तेल व्यापार को बहुत बड़ा फायदा मिलने की पूरी उम्मीद है।