जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

जापानी नेता तोशिमित्सु मोटेगी का बयान: इंडो-पैसिफिक को फ्री रखने के लिए व्यावहारिक सहयोग बढ़ाएंगे क्वाड देश

QUAD Summit 2026: जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने नई दिल्ली में क्वाड बैठक को संबोधित किया। इस दौरान स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर बहुत विशेष जोर दिया गया।

प्रिया सिंह

Toshimitsu Motegi Statement QUAD Summit 2026: भारत की राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की 11वीं अहम बैठक हुई। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने इसमें स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह बैठक पूरी दुनिया को बहुत स्पष्ट और मजबूत संदेश देती है। इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बड़े नेता शामिल हुए हैं।

जापानी मंत्री मोटेगी ने कहा कि उन्हें इस विशेष बैठक से बहुत खास लगाव है। उन्होंने बेहतरीन आयोजन के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर को धन्यवाद दिया और सितंबर 2019 की पहली बैठक को याद किया। अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में बहुत बड़े बदलाव हो रहे हैं जिनका सभी को मिलकर सामना करना है। क्वाड देश मिलकर समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चेन और नई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

FOIP में नए बदलाव

मोटेगी ने कहा कि FOIP की अवधारणा को आए सिर्फ 10 साल हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में बदलाव जारी हैं। इन बदलावों का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री ताकाइची ने FOIP को पूरी तरह अपडेट करने की बात कही है। इंडो-पैसिफिक के देश अपनी क्षमता और मजबूती बढ़ाकर अपने भविष्य के बड़े फैसले खुद लेंगे।

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि 18 महीनों से कम समय में यह तीसरी बड़ी बैठक है। इसमें कई साझा गतिविधियों पर बहुत अहम चर्चा और जरूरी फैसले लिए जाएंगे। चर्चा का मुख्य फोकस हमेशा इंडो-पैसिफिक रहेगा जो क्वाड देशों का मुख्य क्षेत्र है।

एस. जयशंकर ने वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन की मजबूती और कनेक्टिविटी की बाधाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने उत्पादन और संसाधनों के केंद्रीकरण तथा बुनियादी ढांचे की कमी से निपटने पर भी बात की। ये सभी चीजें क्वाड देशों की साझेदारी बढ़ाने और विकास के नए अवसर पैदा करती हैं।

रणनीतिक भरोसा और सुरक्षा

इंडो-पैसिफिक की अपनी कुछ बहुत खास चुनौतियां भी हैं जिनसे सभी को मिलकर निपटना होगा। इसके लिए देशों के बीच रणनीतिक भरोसा बढ़ाना और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना बहुत ज्यादा जरूरी है। आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए एक भरोसेमंद और पारदर्शी साझेदारी स्थापित करनी होगी।

पिछले कुछ महीनों में अधिकारियों ने नई तकनीकों और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में अच्छी प्रगति की है। कई अहम पहलें बहुत तेजी से आगे बढ़ी हैं जो इस क्षेत्र के विकास के लिए बहुत आवश्यक हैं। यह पूरा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र वैश्विक विकास और शांतिपूर्ण स्थिरता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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