क्वाड देशों के मंत्री (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

एनर्जी सेक्टर में क्वाड का बड़ा दांव: इंडो-पैसिफिक में मजबूत सप्लाई चेन के लिए मिलकर काम करेंगे चारों देश

Indo Pacific Energy: नई दिल्ली में क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अहम संयुक्त बयान जारी किया है। समुद्री मार्गों की सुरक्षा को भी बहुत अहम बताया गया है।

प्रिया सिंह

Indo Pacific Energy Strategy: भारत की राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बहुत ही अहम बैठक हुई है। भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नया और बड़ा संयुक्त बयान जारी किया है। इन सभी सदस्य देशों का मुख्य साझा लक्ष्य ऊर्जा की आपूर्ति को पूरी तरह सुरक्षित, स्थिर और बिना किसी रुकावट के बनाए रखना है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में किसी भी तरह की बड़ी बाधा का सबसे अधिक और सीधा प्रभाव इसी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर पड़ता है।

क्वाड देशों का साफ मानना है कि इस अहम क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा को सबसे पहली प्राथमिकता देना अब बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है। चारों देश मिलकर अंतरराष्ट्रीय एनर्जी मार्केट को पूरी तरह स्थिर, बहुत ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए तेजी से काम करेंगे। इसके साथ ही तेल, गैस और अन्य जरूरी संसाधनों की पूरी सप्लाई चेन को ज्यादा मजबूत और विविध बनाने पर भी जोर दिया गया है। इस बड़े कदम का मुख्य उद्देश्य किसी एक स्रोत पर निर्भरता को कम करना और ऊर्जा संकट से दुनिया को पूरी तरह बचाना है।

समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा

क्वाड समूह ने सभी समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को भी दुनिया के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण और जरूरी बताया है। इसमें यह सुनिश्चित करना शामिल है कि होर्मुज स्ट्रेट समेत दुनिया भर में जहाजों की आवाजाही बिल्कुल बेरोक-टोक के जारी रहे। विशेष रूप से महत्वपूर्ण मार्गों पर सुरक्षित आवागमन को बनाए रखने से वैश्विक व्यापार हमेशा सामान्य रूप से चलता रहेगा। बैठक में छोटे द्वीपीय और विकासशील देशों की ऊर्जा जरूरतों को विशेष रूप से ध्यान में रखने पर बहुत जोर दिया गया है। इन सदस्य देशों का मानना है कि ये छोटे विकासशील देश ऊर्जा संकट के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील और कमजोर हैं। क्वाड देश आपातकालीन परिस्थितियों में एक-दूसरे और क्षेत्रीय साझेदारों की सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अपना पूरा सहयोग करेंगे।

क्षेत्रीय स्तर पर नई पहलें

बयान के अनुसार क्षेत्रीय स्तर पर चल रही अलग-अलग पहलें ऊर्जा और संसाधनों की सुरक्षा को बहुत मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इनमें जापान की पीओडब्ल्यूआरआर पहल भी पूरी तरह शामिल है जिसका उद्देश्य संसाधन प्रबंधन को बहुत अधिक सुरक्षित बनाना है। इसी तरह भारत दक्षिण एशिया के देशों को ऊर्जा सुरक्षा में अपना पूरा सहयोग और भारी समर्थन लगातार दे रहा है।

ऑस्ट्रेलिया दक्षिण-पूर्व एशिया और प्रशांत क्षेत्र में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और व्यवस्था मजबूत करने में पूरी मदद कर रहा है। इस अहम काम के लिए ऑस्ट्रेलिया ने 2 अरब डॉलर की बहुत बड़ी और नई निवेश योजना भी आधिकारिक रूप से शुरू की है। इसके अलावा सभी आसियान देशों के बिजली नेटवर्क को मजबूत करने और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर भी काम चल रहा है।

क्वाड ऊर्जा सुरक्षा फोरम

क्वाड देशों ने "क्वाड इनिशिएटिव ऑन इंडो-पैसिफिक एनर्जी सिक्योरिटी" नामक एक बहुत ही नई और अहम पहल शुरू करने की बात कही है। इसके तहत तकनीक, नीति, ऊर्जा प्रबंधन और आपात प्रतिक्रिया अभ्यास जैसे बड़े क्षेत्रों में आपसी सहयोग किया जाएगा। साथ ही एक "क्वाड फ्यूल सिक्योरिटी फोरम” भी स्थापित होगा जहां ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर नियमित चर्चा की जाएगी।

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