जेडी वेंस और डोनाल्ड ट्रम्प, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

'पिछली मीटिंग नरक जैसी थी'; ट्रंप ने बताई अपनी आंखें बंद करने की असली वजह, तो वेंस ने लूट ली महफिल; VIDEO

Trump Cabinet Meeting: डोनाल्ड ट्रंप की कैबिनेट बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 'मुफ्त कॉफी' वाला मजाकिया बयान देकर माहौल हल्का कर दिया। ट्रंप ने पिछली बैठक को 'नरक जैसी उबाऊ' बताया था।

अमन उपाध्याय

JD Vance Free Coffee Comment: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की कैबिनेट बैठकों में अक्सर गंभीर चर्चाएं होती हैं लेकिन 29 जनवरी 2026 को हुई बैठक कुछ अलग ही कारणों से चर्चा में है। इस बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस राष्ट्रपति ट्रंप को एक ऐसा जवाब देते हैं जिसे सुनकर पूरी कैबिनेट हंस पड़ी।

मजाकिया लहजे में वेंस की ओर रुख

बैठक के समापन के दौरान, ट्रंप ने मजाकिया लहजे में वेंस की ओर रुख किया और कहा, 'जेडी, अगर आप कुछ कहना चाहें तो बोल सकते हैं। आखिर आप अमेरिका के उपराष्ट्रपति हैं। क्या आप जल्दी से कुछ कहना चाहेंगे?'। इस पर वेंस ने बिना देर किए बेहद हल्के-फुल्के अंदाज में उत्तर दिया, 'कोई बात नहीं सर, मैं तो यहां बस मुफ्त की कॉफी के लिए आया हूं'। उनके इस जवाब ने कमरे के तनाव को कम कर दिया, हालांकि बाद में उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस समूह के साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात है और वे अमेरिकी जनता के हित में बड़े कदम उठा रहे हैं।

पिछली बैठक थी 'नरक की तरह उबाऊ'

इस बैठक की एक और खास बात राष्ट्रपति ट्रंप की अपनी नींद को लेकर दी गई सफाई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले महीने की कैबिनेट बैठक के दौरान वे अपनी नींद से जूझते नजर आए थे क्योंकि वह बैठक बहुत ज्यादा उबाऊ हो गई थी। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे वास्तव में सोए नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपनी आंखें केवल इसलिए बंद कर ली थीं क्योंकि वे उस बैठक से जल्द से जल्द बाहर निकलना चाहते थे। 'न्यूयॉर्क मैगजीन' के एक रिपोर्टर से बात करते हुए उन्होंने उस बैठक को 'नरक की तरह उबाऊ' करार दिया।

देखें VIDEO-

बैठक के समय और प्रारूप में बड़ा बदलाव

आमतौर पर ट्रंप की कैबिनेट बैठकें काफी लंबी चलती हैं। उदाहरण के लिए, पिछले साल अगस्त में एक बैठक 3 घंटे 17 मिनट तक चली थी और दिसंबर की बैठक 2 घंटे 18 मिनट लंबी थी। इन टेलीविजन पर प्रसारित होने वाली बैठकों का अधिकांश समय राष्ट्रपति की प्रशंसा करने में ही बीत जाता था। लेकिन इस बार ट्रंप ने इसे छोटा रखने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि 'यहां बहुत से लोग हैं और यह थोड़ा उबाऊ हो रहा था,' इसलिए उन्होंने हर सदस्य के पास प्रशंसा सुनने के लिए न जाने का निर्णय लिया।

इसी वजह से उन्होंने कैबिनेट के कई प्रमुख सदस्यों को बोलने का मौका नहीं दिया, जिनमें अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, और होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम शामिल थे। यह फैसला इसलिए भी चर्चा का विषय है क्योंकि वर्तमान में मिनेसोटा में ICE की कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रामक विदेश नीति जैसे गंभीर मुद्दे गरमाए हुए हैं। ट्रंप के इस नए रुख की वजह से यह सार्वजनिक बैठक मात्र 1 घंटे 20 मिनट में ही समाप्त हो गई।

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