जापान में भूकंप का कहर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)  
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जापान में भूकंप से तबाही का मंजर, अब तक 30 की मौत... मलबे में फंसे लोगों के लिए रेस्क्यू जारी

Japan Earthquake: जापानी द्वीप क्यूशू में आए 7.1 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। मलबे और गैस विस्फोट के कारण मरने वालों की संख्या 30 हो गई है। जानिए कुमामोटो में राहत कार्यों की ताजा स्थिति।

अमन उपाध्याय

Japan Earthquake Death Toll:  जापान का दक्षिण-पश्चिमी द्वीप क्यूशू इस समय कुदरत के भीषण कहर का सामना कर रहा है। मंगलवार को कुमामोटो प्रांत में आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। प्रधानमंत्री सना ताकाइची ने गुरुवार को पुष्टि की कि इस आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, 60 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि मलबे के नीचे अभी भी कई जिंदगियों के दबे होने की आशंका है।

आफ्टरशॉक्स ने बढ़ाई मुश्किलें

भूकंप प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जापानी सेल्फ-डिफेंस फोर्स (SDF) के करीब 5,000 जवान दिन-रात रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं। हालांकि, बचाव दल को दोहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को कुमामोटो में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे बचावकर्मी और बेघर हुए लोग बेहाल हैं।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही, अब तक 100 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से एक झटका 5.8 तीव्रता का था।

मॉल में जोरदार गैस विस्फोट

तबाही का सबसे खौफनाक मंजर कशिमा कस्बे के एयॉन शॉपिंग मॉल में देखने को मिला। भूकंप के समय मॉल में हजारों लोग मौजूद थे। प्रारंभिक झटके के बाद करीब 3,000 ग्राहकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन इसके एक घंटे बाद मॉल के एक हिस्से में जोरदार गैस विस्फोट हुआ।

इस हादसे में तीन कर्मचारियों की मौत हो गई, जो निकासी के बाद दोबारा सामान लेने अंदर लौटे थे। एयॉन के अध्यक्ष ने इस चूक के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। वहीं, यात्सुशिरो स्थित निप्पॉन पेपर मिल में एक विशाल चिमनी गिरने से पांच कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई। बचाव दल अभी भी वहां लापता चार अन्य लोगों की तलाश में मलबे को खंगाल रहे हैं।

विदेशी नागरिक की मौत

इस आपदा में एक वियतनामी तकनीकी प्रशिक्षु के रूप में पहले विदेशी नागरिक की मौत की भी पुष्टि हुई है, जिसकी जान कार्यस्थल पर क्रेन गिरने से गई। वर्तमान में लगभग 9,000 लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं, जबकि 30,000 से अधिक घरों की बिजली गुल है।

रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने राहत शिविरों के लिए 300 एयर कंडीशनर भेजने का निर्देश दिया है ताकि लोगों को लू और हीटस्ट्रोक से बचाया जा सके। 75 वर्षीय रेस्टोरेंट मालिक हिरोको ओगाता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि मैंने अपने जीवन में इतना बड़ा भूकंप कभी नहीं देखा, मुझे लगा कि आज मेरी मौत निश्चित है।

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