दक्षिण-पश्चिमी जापान के कुमामोटो में स्थित कैंप केंगून पहुंचा मिसाइलों को ले जाने वाला वाहन, फोटो (सो. एपी) 
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ड्रैगन को उसी की भाषा में जवाब! जापान ने तैनात की 1000 KM रेंज वाली स्वदेशी मिसाइलें, चीन में मची खलबली

China Japan Tension: जापान ने क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच अपनी पहली स्वदेशी लंबी दूरी की मिसाइलों की तैनाती शुरू कर दी है।

अमन उपाध्याय

Japan Type-12 Missile Deployment: पूर्वी एशिया में बढ़ते सुरक्षा खतरों और ताइवान के आसपास चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच जापान ने अपनी रक्षा रणनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव किया है। जापान अपनी पहली स्वदेशी रूप से विकसित लंबी दूरी की मिसाइलों का पहला बैच तैनात करने की तैयारी में है। सोमवार की सुबह, इन मिसाइलों के लॉन्चर और अन्य सैन्य उपकरणों को कड़ी सुरक्षा के बीच सेना के कैंप में पहुंचाया गया।

स्वदेशी मारक क्षमता में भारी इजाफा

जापान के चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी मिनोरू किहारा ने इस महत्वपूर्ण तैनाती की पुष्टि करते हुए बताया कि ये अपग्रेडेड 'टाइप-12 ग्राउंड-टू-शिप' मिसाइलें हैं। इन मिसाइलों की सबसे बड़ी विशेषता इनकी मारक क्षमता है। जहां इन मिसाइलों के पुराने संस्करण की रेंज मात्र 200 किलोमीटर थी, वहीं अब अपग्रेडेड संस्करण की रेंज बढ़ाकर लगभग 1,000 किलोमीटर कर दी गई है। इतनी लंबी रेंज होने के कारण ये मिसाइलें जापानी द्वीपों से सीधे चीन के मुख्य भूभाग तक पहुंचने में सक्षम हैं। इन मिसाइलों को मार्च के अंत तक दक्षिण-पश्चिमी कुमामोटो प्रीफेक्चर के कैंप केंगुन में पूरी तरह तैनात कर दिया जाएगा।

सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव के संकेत

यह तैनाती केवल शुरुआत है। जापानी रक्षा मंत्रालय की योजना के अनुसार, इस साल के अंत में इन मिसाइलों को टोक्यो के पश्चिम में स्थित शिज़ुओका के कैंप फूजी में भी तैनात किया जाएगा। इसके अलावा, रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने घोषणा की है कि जापान मार्च 2031 तक ताइवान के बेहद करीब स्थित योनागुनी द्वीप पर मध्यम दूरी की SAM मिसाइलें भी तैनात करेगा।

प्रधानमंत्री साने ताकाइची की सरकार देश की सुरक्षा और रक्षा नीति में व्यापक बदलाव करने की तैयारी में है। वे जापानी सेना को बिना पायलट वाले लड़ाकू हथियारों और लंबी दूरी की मिसाइलों से और अधिक शक्तिशाली बनाना चाहती हैं। साथ ही, मित्र देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए हथियारों के निर्यात पर लगी रोक को हटाने पर भी विचार किया जा रहा है।

जनता का विरोध और क्षेत्रीय तनाव

हालांकि, इस सैन्य सुदृढ़ीकरण का स्थानीय स्तर पर विरोध भी शुरू हो गया है। जब सोमवार सुबह लॉन्चर कैंप पहुंचे, तो वहां बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार इस तैनाती को लेकर पारदर्शी नहीं है और इससे क्षेत्रीय तनाव और अधिक बढ़ेगा। लोगों को डर है कि इन मिसाइलों की तैनाती के कारण जापान दुश्मन के हमलों का आसान लक्ष्य बन सकता है। चीन द्वारा ताइवान के पास बढ़ाए जा रहे दबाव को देखते हुए जापान इसे एक आवश्यक कदम मान रहा है।

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