एस. जयशंकर, मार्को रुबियो (सोर्स-@DrSJaishankar)
विदेश

UN महासभा के बीच जयशंकर और मार्को रुबियो की अहम बैठक, भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों पर हुई अहम चर्चा

Jaishankar-Rubio Meeting 2026: UN महासभा के दौरान एस. जयशंकर और मार्को रुबियो की मुलाकात हुई। दोनों ने रणनीतिक साझेदारी, क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।

अक्षय साहू

Jaishankar-Rubio Meet in New York: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर इन दिनों संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका के न्यूयॉर्क में हैं। इसी बीच उन्होंने बुधवार को अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई। इस बात की जानकारी रुबियो ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए दी। 

अमेरिकी विदेश सचिव रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आज न्यूयॉर्क में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हम मिलकर अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं और प्रमुख क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और आगामी बहुपक्षीय प्रयासों पर समन्वय कर रहे हैं।

शनिवार को UN महासभा को संबोधित करेंगे जयशंकर

वहीं, डॉ. जयशंकर ने अपनी बैठक के बारे में एक्स पर लिखा कि उन्होंने SRIA के संबंध में भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया। 2026 का लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाला अधिनियम है। विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने खाड़ी और यूक्रेन की स्थितियों पर भी चर्चा की। डॉ. एस जयशंकर शनिवार को दोपहर के सत्र में यूएन महासभा को संबोधित करने वाले हैं, जो स्थानीय समयानुसार दोपहर 3 बजे (भारत में रविवार को 12:30 बजे) शुरू होगा।

रुबियो के साथ बैठक उन कई उच्च-स्तरीय बैठकों की श्रृंखला में से एक है, जो जयशंकर महासभा के उच्च-स्तरीय सप्ताह के दौरान वैश्विक नेताओं और शीर्ष राजनयिकों के यहां एकत्र होने के बीच कर रहे हैं।

100 प्रतिशत टैरिफ को लेकर तनाव बरकरार 

हालांकि, रूसी तेल खरीदने वालों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाला अमेरिकी कानून भारत-अमेरिका संबंधों में अड़चन बना हुआ है, लेकिन यह अभी लागू नहीं हुआ है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर भी अब तक अंतिम फैसला नहीं हो पाया है, बावजूद इसके अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग जारी है। 

चीन के बढ़ते प्रभाव पर चिंता

अमेरिका, भारत के साथ क्वाड का सदस्य है, जिसमें जापान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं, और वे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा के पहलुओं पर मिलकर काम कर रहे हैं।

मई में नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में, उन्होंने समुद्री सुरक्षा, बंदरगाह बुनियादी ढांचे और ऊर्जा पर अपने सहयोग को दोहराया था। इसे क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंताओं का मुकाबला करने के प्रयास के रूप में देखा गया था।

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