Quad देशों के प्रतिनिधियों के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

समुद्री हमलों से ऊर्जा संकट का खतरा, Quad में जयशंकर ने उठाया सुरक्षा और सप्लाई चेन का मुद्दा, चीन को भी घेरा

Quad Foreign Ministers Meeting 2026: MEA एस. जयशंकर ने G20 बैठक में समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और महत्वपूर्ण खनिजों पर भारत की चिंताएं रखीं। उन्होंने वैश्विक सहयोग और मजबूत सप्लाई चेन पर जोर दिया।

अक्षय साहू

Highlights:

  • समुद्री हमलों और ऊर्जा आपूर्ति पर भारत ने जताई चिंता

  • जयशंकर ने LPG की नियमित और भरोसेमंद आपूर्ति की मांग की

  • G20 में महत्वपूर्ण खनिजों के लिए भारत ने रखा नया प्रस्ताव

S Jaishankar in Quad Foreign Ministers Meeting 2026: दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के विदेश मंत्रियों की अटलांटा में हुई दो दिवसीय बैठक कई अहम वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर बिना किसी सहमति के समाप्त हो गई। इस बैठक के नतीजों ने G20 देशों के बीच मौजूद मतभेदों को एक बार फिर उजागर कर दिया। भारत की ओर से इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हुए। 

यह एस. जयशंकर के लिए काफी अहम थी। उन्होंने बैठक में तीनों पूर्ण सत्रों में इस बात पर जोर दिया कि सैन्य ताकत के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि विकासशील देशों को उन वैश्विक संकटों की सबसे अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है, जिनमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। इस साल G20 की अध्यक्षता अमेरिका के पास है। 

समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर भारत ने जताई चिंता

विदेश मंत्री एस. जयशंकर कर ने कहा कि वैश्विक दक्षिण के देशों को नागरिक जहाजों और नाविकों पर होने वाले हमलों का गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। इन घटनाओं से ईंधन, खाद्य सामग्री और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने के साथ उनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी का खतरा पैदा हो रहा है।

ऊर्जा व्यापार को निशाना बनाना गलत

ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर विदेश मंत्री ने कहा कि ऊर्जा व्यापार और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों का इस्तेमाल कीमतों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। वहीं, प्रतिबंध और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर बाधाएं बाजार की स्थिति को और बिगाड़ रही हैं। उन्होंने भारतीय परिवारों की जरूरतों का जिक्र करते हुए स्वच्छ ईंधन से खाना पकाने के लिए एलपीजी की नियमित और भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। 

महत्वपूर्ण खनिजों और औद्योगीकरण पर जोर

जयशंकर ने महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भारत के राष्ट्रीय मिशन का उल्लेख करते हुए G20 क्रिटिकल मिनरल्स सर्कुलैरिटी इनिशिएटिव शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों के बेहतर उपयोग और उनकी आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाना है।

बैठक के अंतिम सत्र में उन्होंने कहा कि सभी देशों के औद्योगीकरण के अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने आर्थिक क्षेत्र में अपनाए जा रहे 'शिकारी तरीकों' के प्रति आगाह करते हुए देशों से अपनी आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लाने और जोखिम कम करने का आह्वान किया। 

कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत

मुख्य बैठक के अलावा जयशंकर ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ कई द्विपक्षीय वार्ताएं भी कीं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अर्जेंटीना, कनाडा, मैक्सिको, ब्राजील, जर्मनी, दक्षिण कोरिया और पोलैंड के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की।

क्वाड की तीसरी बैठक में भी हुए शामिल

नई दिल्ली और मनीला में हुई पिछली बैठकों के बाद जयशंकर ने इस वर्ष क्वाड के विदेश मंत्रियों की तीसरी बैठक में भी हिस्सा लिया। इस दौरान सदस्य देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने, आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने और महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा सुरक्षा तथा समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। -एजेंसी इनपुट के साथ

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