इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

मेलोनी का ट्रंप को करारा जवाब… 'अफगानिस्तान में हमारे सैनिकों ने खून बहाया, योगदान को कम आंकना अस्वीकार'

Italy’s NATO Legacy: इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने नाटो सहयोगियों पर डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। मेलोनी ने अफगानिस्तान में इटली के सैन्य बलिदान और 53 सैनिकों की मौत का हवाला दिया।

प्रिया सिंह

Meloni Slams Trump’s NATO Remarks: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच नाटो (NATO) गठबंधन और अफगानिस्तान युद्ध में सहयोग को लेकर सार्वजनिक बहस छिड़ गई है। मेलोनी ने ट्रंप के उस बयान पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है जिसमें उन्होंने कहा था कि अफगानिस्तान में सैन्य अभियानों के दौरान नाटो सहयोगियों ने अमेरिका का पूरा साथ नहीं दिया। मेलोनी ने इसे 11 सितंबर के हमलों के बाद दिखाई गई एकजुटता का अपमान बताया है।

ट्रंप का विवादास्पद बयान

22 जनवरी को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका को कभी भी अपने सहयोगियों की जरूरत नहीं पड़ी और न ही उनसे कुछ मांगा गया। ट्रंप ने दावा किया कि नाटो देशों ने अफगानिस्तान में कुछ सैनिक तो भेजे, लेकिन वे हमेशा अग्रिम मोर्चों से दूर और सुरक्षित पीछे रहे। इसके अलावा ट्रंप ने यह संदेह भी जताया कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर नाटो देश अमेरिका का साथ देंगे या नहीं।

अनुच्छेद 5 और ऐतिहासिक एकजुटता

जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए याद दिलाया कि 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद नाटो ने अपने इतिहास में पहली और एकमात्र बार Article 5 को सक्रिय किया था। उन्होंने इसे अमेरिका के प्रति एकजुटता का एक असाधारण कार्य बताया। मेलोनी के अनुसार, ट्रंप का बयान उस समय गठबंधन द्वारा दिखाई गई अभूतपूर्व एकजुटता को पूरी तरह नजरअंदाज करता है।

इटली का सैन्य योगदान और बलिदान

मेलोनी ने इटली की निरंतर सैन्य प्रतिबद्धता का विवरण देते हुए बताया कि रोम ने अफगानिस्तान में हजारों सैनिक तैनात किए थे। इटली ने मिशन के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक, रीजनल कमांड वेस्ट का नेतृत्व संभाला था। उन्होंने उन दावों को गलत बताया कि सहयोगी देश अग्रिम मोर्चों से पीछे रहे थे।

अमिट कीमत, 53 मौतें और 700 घायल

प्रधानमंत्री ने अफगानिस्तान में इटली द्वारा चुकाई गई भारी मानवीय कीमत पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि लगभग बीस वर्षों की प्रतिबद्धता के दौरान इटली के 53 सैनिकों ने अपनी जान गंवाई और 700 से अधिक सैनिक घायल हुए। मेलोनी ने कहा कि अफगान बलों के प्रशिक्षण और सुरक्षा मिशनों में इटली का योगदान एक ऐसी सच्चाई है जिस पर कोई विवाद नहीं किया जा सकता।

दोस्ती और सम्मान की शर्त

मेलोनी ने स्पष्ट किया कि किसी सहयोगी राष्ट्र की ओर से ऐसे बयान आना "अस्वीकार्य" है। उन्होंने कहा कि रोम और वाशिंगटन के बीच संबंध बहुत पुराने हैं, लेकिन दोस्ती के लिए सम्मान की जरूरत होती है। मेलोनी के अनुसार, अटलांटिक गठबंधन (Atlantic Alliance) की मूल भावना को बनाए रखने के लिए एक-दूसरे के योगदान का सम्मान करना एक बुनियादी शर्त है।

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