ISRO NASA NISAR Satellite On Venezuela Earthquake: पिछले महीने वेनेजुएला में आए विनाशकारी दोहरे भूकंप के बाद हुई भारी तबाही के कारणों का अब बड़ा वैज्ञानिक खुलासा हुआ है। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी ISRO और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के संयुक्त उपग्रह निसार के आंकड़ों से पता चला कि इस आपदा के दौरान राजधानी कराकस और ला गुएरा के क्षेत्रों में धरती की सतह लगभग 60 सेंटीमीटर (दो फीट) तक खिसक गई थी।
वैज्ञानिकों ने 24 जून को आए भूकंप से पहले और बाद की तस्वीरों का तुलनात्मक अध्ययन करने के लिए निसार उपग्रह की InSAR तकनीक का उपयोग किया। यह तकनीक उपग्रह और जमीन के बीच की दूरी में आने वाले सूक्ष्म बदलावों को भी पकड़ लेती है।
गौरतलब है कि यह पहला मौका था जब किसी बड़े भूकंप के बाद जमीन के विस्थापन की सटीक मैपिंग के लिए निसार के 'अर्जेंट रिस्पॉन्स सिस्टम' (UR) का प्रयोग किया गया।
नासा के अनुसार, यह भूकंप एक 'स्ट्राइक-स्लिप फॉल्ट' पर हुआ था, जिसके कारण अधिकांश विस्थापन पूरब-पश्चिम दिशा में दर्ज किया गया। विशेष रूप से कराकस के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दक्षिणी हिस्से में सबसे तीव्र हलचल देखी गई।
जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी (JPL) के भूभौतिकीविद् एरिक फील्डिंग ने बताया कि जमीन का इतनी अधिक मात्रा में खिसकना ही कराकस और ला गुएरा में हुई व्यापक तबाही का मुख्य कारण बना।
निसार द्वारा उपलब्ध कराए गए इस डेटा की मदद से अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने अपने फॉल्ट-स्लिप मॉडल को और अधिक सटीक बनाया है। इस उपग्रह की सबसे बड़ी खासियत इसकी त्वरित डेटा डिलीवरी प्रणाली है, जो आपदा के महज 12 से 24 घंटों के भीतर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा देती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में यह तकनीक दुनिया भर में राहत और बचाव कार्यों की रणनीति बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
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गौरतलब है कि 24 जून को उत्तरी वेनेजुएला में पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके महज 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसमें भारी तबाही हुई। इन दोनों भूकंपों में 5,546 से अधिक लोगों की मौत और करीब 16,700 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
इस आपदा का सबसे अधिक असर कराकस और ला गुएरा समेत त्रुजिलो, याराकुय, काराबोबो, अरागुआ और मिरांडा राज्यों में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ।