इजरायल का 'विंग ऑफ जायन', फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

युद्ध की दहलीज पर दुनिया! नेतन्याहू का विमान इजरायल से अचानक हुआ रवाना, मिडिल ईस्ट में मचा हड़कंप

Iran tensions: ईरान में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल का आधिकारिक स्टेट प्लेन 'विंग ऑफ जायन' ने हवाई क्षेत्र छोड़ दिया है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान भूमध्य सागर की ओर रवाना हुआ है।

अमन उपाध्याय

Middle East Tension: मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का आधिकारिक विमान 'विंग ऑफ जायन' अचानक इजरायली हवाई क्षेत्र छोड़कर भूमध्य सागर की ओर निकल गया है। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स के इस खुलासे के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या इजराइल को ईरान की ओर से किसी बड़े जवाबी हमले का अंदेशा है।

हमले की आशंका या रूटीन ड्रिल?

फ्लाइट डेटा के मुताबिक, इस विमान ने दक्षिणी इजरायल में बीरशेबा के पास स्थित नेवाटिम एयर फोर्स बेस से उड़ान भरी और सीधे भूमध्य सागर के ऊपर निकल गया। यह पहली बार नहीं है जब तनाव के समय इस विमान को इजराइली हवाई क्षेत्र से बाहर भेजा गया हो। इतिहास गवाह है कि जब-जब ईरान के साथ सैन्य टकराव बढ़ा है, सुरक्षा कारणों से इस विमान को सुरक्षित ठिकानों पर भेज दिया जाता है। बता दें कि 13 अप्रैल 2024 को ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले से ठीक पहले इस विमान को नेवाटिम एयरबेस से बाहर भेजा गया था। बाद में यही एयरबेस ईरानी हमले का मुख्य निशाना बना था। इसके अलावा 13 जून को जब इजरायल ने ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमला किया था, उसके कुछ घंटों बाद ही इस विमान को बेन गुरियन एयरपोर्ट से उड़ान भरते देखा गया था।

क्या है 'विंग ऑफ जायन'?

‘विंग ऑफ जायन’ इजरायल सरकार का आधिकारिक वीआईपी विमान है, जिसे अमेरिका के ‘एयर फोर्स वन’ की तरह तैयार किया गया है। इस विमान का उपयोग मुख्य रूप से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की विदेशी यात्राओं के लिए किया जाता है। यह पूरी तरह इजरायली वायुसेना के अधीन रहता है और इसमें अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणालियां लगी हैं। लंबी दूरी की उड़ानों को ध्यान में रखते हुए इसमें विशेष तकनीकी बदलाव किए गए हैं, ताकि शीर्ष नेतृत्व की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुगम रह सके।

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इजरायली अधिकारियों का दावा

हवाई क्षेत्र छोड़ने की इन खबरों के बीच इजरायली अधिकारियों ने इन अटकलों को खारिज करने की कोशिश की है। नाम न बताने की शर्त पर अधिकारियों का कहना है कि यह उड़ान ईरान से जुड़े तनाव के कारण नहीं बल्कि एक नियमित ट्रेनिंग मिशन का हिस्सा है। हालांकि, जिस तरह से पूर्व में इस विमान की उड़ान के बाद हमले हुए हैं उसे देखते हुए सुरक्षा विशेषज्ञ इन दावों पर सवाल उठा रहे हैं।

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