इजराइल में ईरान जासूस नेटवर्क का खुलासा (AI जेनरेटेड इमेज) 
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Explainer: ईरान ने कर दिया मोसाद वाला कारनामा! इजरायल में खड़ी की जासूसों की फौज, नेतन्याहू की नींद हराम

Haredi Jewish Iranian Spies: इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद को मात देते हुए ईरान ने देश के भीतर ही जासूसों का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर दिया है। इसमें आर्थिक तंगी से जूझ रहा हरेदी समुदाय भी शामिल है।

अक्षय साहू

Iran Spy Network in Israel: खुफिया एजेंसियों की दुनिया में इजरायल की मोसाद को सबसे खतरनाक एजेंसी माना जाता है। मोसाद ने कई बार अपने दुश्मनों को खत्म करने और उनके राज जानने के लिए ऐसे ऑपरेशन चलाए हैं जिनके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता है। मोसाद कई बार अपने एजेंटों को दुश्मन देशों में भेजकर जासूसी का एक जाल बिछाती है जिसका खुलासा होने पर लोगों के पैरों लते जमीन खिसक जाती है। लेकिन अब ऐसा ही ईरान ने इजरायल में करके दिखा दिया है।

अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें दावा किया गया है कि इजरायल में इस समय सैकड़ों ईरानी जासूस काम कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये ईरानी जासूस ईरान या किसी और देश के नहीं है बल्कि ये इजरायल में सालों से रह रहे इजरायली नागरिकों का एक समुदाय है। आइए आपको बताते हैं कि इजरायल में रहने वाला वह कौन सा समुदाय है जो ईरान के लिए जासूसी कर रहा है? ईरान ने इन्हें कैसे अपना जासूस बनाया? और जासूसी के इस नेटवर्क का खुलासा कैसे हुआ?

इजरायल में किस समुदाय पर लगा जासूसी का आरोप

इजरायल और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच अब एक नया सुरक्षा खतरा सामने आया है। इजरायली सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ईरान सोशल मीडिया के जरिए देश के भीतर अपना जासूसी नेटवर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में कट्टरपंथी हरेदी यहूदी समुदाय के लोग भी इस नेटवर्क का हिस्सा बने हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।

ईरानी जासूस को गिरफ्तार करके ले जारी इजरायली पुलिस (सोर्स- सोशल मीडिया)

हरेदी यहूदी इजरायल का बेहद धार्मिक समुदाय माना जाता है। इनकी आबादी करीब 14 लाख बताई जाती है। यह समुदाय यहूदी धार्मिक परंपराओं का सख्ती से पालन करता है। यह इजरायल का वही समुदाय है, जो सालों से सेना में शामिल होने के अनिवार्य नियम के खिलाफ है। दरअसल यह समुदाय शुक्रवार शाम से शनिवार शाम तक शबात का पालन करते है, इस दौरान हरेदी यहूदी किसी भी आधुनिक चीज जैसे मोबाइल, टीवी, कंप्यूटर और बिजली का इस्तेमाल नहीं करते हैं। इसके अलावा हरेदी धार्मिक पढ़ाई को अधिक महत्व देते हैं, इसके चलते हरेदी समुदाय के कम ही लोग अच्छी नौकरी कर पाते हैं। हरेदी समुदाय के अधिकतर लोग आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। 

इजरायल में जासूसी के बढ़ते मामले

सेना में जाने के खिलाफ है हरेदी यहूदी (सोर्स- सोशल मीडिया)

रिपोर्टों के बताया गया है कि इजरायल में ईरानी जासूसी के मामलों में पिछले एक साल के दौरान बड़ी बढ़ोतरी हुई है। दावा किया गया है कि 2024 की मुकाबले 2025 में पकड़े गए संदिग्ध जासूसों की संख्या में लगभग 400 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सिर्फ 2025 में ही 25 इजरायली नागरिकों पर ईरान के लिए जासूसी करने के आरोप में मुकदमा चलाया गया। इससे सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हो गई हैं।

ईरान ने कैसे तैयारी किया जासूसी नेटवर्क 

रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी एजेंट फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों से संपर्क करते हैं। कई बार वे खुद को पत्रकार या किसी समाचार संस्था का सदस्य बताते हैं। शुरुआती बातचीत के बाद व्यक्ति को टेलीग्राम जैसे सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर ले जाया जाता है ताकि बातचीत पर निगरानी रखना मुश्किल हो जाए और पहचान छिपी रहे।

ईरान ने सोशल मीडिया फैलाया जासूसी का जाल (AI जेनरेटेड इमेज)

शुरुआत में लोगों को छोटे और आसान काम के बदले पैसे देकर उनका भरोसा जीतते हैं और एक बार जब इजरायली नागरिक ईरानी एजेंटों के बिछाए जाल में फंस जाते हैं, तब उनसे इजरायल के खुफिया ठिकानों की जानकारी जुटाने के लिए कहते हैं। इस दौरान ईरानी एजेंट उन्हें पैसे भेजते रहते हैं। भुगतान के लिए पेपाल और क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल भी किया जाता है।

ईरान के पास आयरन डोम की जानकारी

अखबार ने अपनी रिपोर्ट में ईरान के कई इजरायली जासूसों का जिक्र किया है। जैसे एक एजेंट जो पहले इजरायली सेना की आयरन डोम यूनिट में काम कर चुका था। जांच में आरोप है कि उसने पैसों के बदले आयरन डोम की कार्यप्रणाली, रडार सिस्टम, लॉन्चर की तैनाती और कई सैन्य ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो ईरान तक पहुंचाए। यह मामला इजरायल की सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील माना गया।

इजरायल के पूर्व ऊर्जा मंत्री गोनन सेगेव भी ईरान के एजेंट (सोर्स- सोशल मीडिया)

दिलचस्प बात ये है कि ईरान के इजरायली एजेंटों की लिस्ट में इजरायल के पूर्व ऊर्जा मंत्री गोनन सेगेव का नाम भी शामिल है। सेगेव 2004 में इजरायल के ऊर्जा मंत्री थे, लेकिन उस समय उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और उन्हें जेल जाना पड़ा था। जेल से रिहा होने के बाद वह नाइजीरिया में डॉक्टर के रूप में काम कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान उनका संपर्क ईरानी अधिकारियों से हुआ और उन्होंने इजरायल के ऊर्जा प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा की। इस मामले ने राजनीतिक स्तर पर भी बड़ा विवाद खड़ा किया था।

गरीबी और बेरोजगारी भी बन रही वजह

विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ मामलों में आर्थिक तंगी भी लोगों को ऐसे नेटवर्क की ओर धकेल रही है। हरेदी समुदाय में गरीबी की दर अन्य यहूदी समुदायों की तुलना में अधिक बताई जाती है। धार्मिक शिक्षा पर अधिक जोर होने के कारण आधुनिक रोजगार के अवसर सीमित रहते हैं। कम आय और बेरोजगारी के कारण कुछ लोग पैसों के लालच में विदेशी एजेंटों के संपर्क में आ जाते हैं।

इस चुनौती से निपटने के लिए इजरायली सरकार अब धार्मिक नेताओं की भी मदद ले रही है। सुरक्षा एजेंसियां रबाइयों से अपील कर रही हैं कि वे अपने अनुयायियों को समझाएं कि दुश्मन देश के लिए जासूसी करना धार्मिक और राष्ट्रीय दोनों नजरिए से गलत है।

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