Iranian President Masoud Pezeshkian At BRICS Summit: ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली रवाना हो चुके हैं। भारत यात्रा से पहले उन्होंने BRICS को एकतरफावाद और बड़ी शक्तियों की अनुचित मांगों का मुकाबला करने वाला महत्वपूर्ण वैश्विक मंच बताया।
पेजेश्कियन के मुताबिक संगठन का उद्देश्य सदस्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करते हुए आर्थिक, व्यापारिक, औद्योगिक और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देना है। नई दिल्ली में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं।
नई दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले मसूद पेजेश्कियन ने BRICS की भूमिका को लेकर अपने विचार साझा किए। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि बदलती अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में यह संगठन एकतरफावाद और बड़ी ताकतों की अनुचित मांगों का मुकाबला करने के लिए प्रभावी मंच बन रहा है।
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, पेजेश्कियन ने कहा कि BRICS के पास स्वतंत्रता और संप्रभुता बनाए रखते हुए विकास को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण क्षमता है। उनके मुताबिक सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना समूह की प्राथमिकताओं में शामिल है।
पेजेश्कियन ने कहा कि BRICS का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक, औद्योगिक और वैज्ञानिक सहयोग को नई ऊंचाई देना है। उनके अनुसार, समूह के साझा प्रयासों में आर्थिक विकास के साथ-साथ स्वतंत्रता और टिकाऊ विकास को भी महत्व दिया जा रहा है।
ईरानी राष्ट्रपति ने डॉलर पर निर्भरता कम करने की दिशा में सहयोग की भी बात की। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों की कोशिश है कि वे अमेरिकी डॉलर पर अत्यधिक निर्भर हुए बिना अपने आर्थिक और क्षेत्रीय विकास को आगे बढ़ा सकें।
मसूद पेजेश्कियन ने BRICS के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में समूह में कुल 21 देश शामिल हैं। इनमें 11 पूर्ण सदस्य और 10 नए शामिल देश बताए गए हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से BRICS Plus कहा जाता है।
ईरानी राष्ट्रपति के अनुसार, BRICS देशों में दुनिया की 45 प्रतिशत से अधिक आबादी रहती है। इसके साथ ही समूह के सदस्य देश वैश्विक भूभाग के करीब 35 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं और इनके पास महत्वपूर्ण प्राकृतिक तथा औद्योगिक संसाधन मौजूद हैं।
नई दिल्ली यात्रा के दौरान ईरानी राष्ट्रपति BRICS नेताओं की मुख्य बैठक, BRICS Economic Forum और वैश्विक शासन से जुड़े सत्रों में हिस्सा लेंगे। वे बहुपक्षवाद को मजबूत करने और अधिक पारदर्शी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं।
यात्रा के दौरान पेजेश्कियन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की संभावना है। इसके अलावा मलेशिया के प्रधानमंत्री और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति समेत अन्य नेताओं के साथ भी उनकी मुलाकात हो सकती है।
इन बैठकों में भारत-ईरान संबंधों के साथ व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है। BRICS Summit में ईरान की भागीदारी ऐसे समय में हो रही है, जब समूह आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।