ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
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न मिसाइलों का डर, न हमलों का तनाव; तेहरान की सड़कों पर 'कूल मूड' में दिखे ईरान के सबसे पावरफुल चेहरे

Iran US War: ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन और शीर्ष नेता अली लारिजानी तेहरान की सड़कों पर बेखौफ नजर आए, जिससे उनके बंकरों में छिपने की खबरों पर विराम लग गया।

अमन उपाध्याय

Iran Latest News In Hindi: ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष के 14वें दिन तेहरान की सड़कों से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों और खुफिया एजेंसियों को हैरत में डाल दिया है। जहां एक ओर पश्चिमी मीडिया में यह कयास लगाए जा रहे थे कि ईरान का शीर्ष नेतृत्व अमेरिकी हमलों के डर से भूमिगत हो चुका है और बंकरों में शरण ले रखी है, वहीं राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी को तेहरान की सड़कों पर आम नागरिकों के बीच बेखौफ घूमते हुए देखा गया।

न जंग का खौफ, न सुरक्षा की टेंशन

अंतरराष्ट्रीय कुद्स दिवस के अवसर पर ईरान के ये शीर्ष नेता न केवल सार्वजनिक रूप से सामने आए, बल्कि वे बेहद 'कूल मूड' में नजर आए। उनके चेहरे पर न तो संभावित हवाई हमलों का कोई डर था और न ही जारी युद्ध की कोई स्पष्ट चिंता दिखाई दे रही थी। राष्ट्रपति पजेश्कियन को एंघेलाब स्ट्रीट पर उमड़ी हजारों की भीड़ के बीच आम लोगों के साथ बातचीत करते और सेल्फी लेते हुए देखा गया। उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची और धार्मिक संस्थान के प्रमुख आयतुल्लाह अराफी भी मौजूद थे, जो जनता के साथ फिलिस्तीन के प्रति एकजुटता व्यक्त कर रहे थे।

बंकर वाली खबरों पर लगा कड़ा विराम

पिछले कुछ दिनों से यह खबरें प्रमुखता से चल रही थीं कि इजरायल और अमेरिका की 'हिट लिस्ट' में होने के कारण ईरानी नेतृत्व सुरक्षा कारणों से बंकरों में शिफ्ट हो गया है। हालांकि, संघर्ष के 14वें दिन इन नेताओं का सार्वजनिक रूप से सड़कों पर उतरना इस बात का कड़ा संदेश है कि वे मैदान छोड़कर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अली लारिजानी, जिन्हें ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर का बेहद करीबी और प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता है, ने खुद सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर दुनिया को अपनी मौजूदगी और अटूट साहस का संदेश दिया है।

ईरान सर्वोच्च सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी

US-इजरायल की रडार पर होने के बावजूद दिखाया साहस

यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन और अली लारिजानी लंबे समय से अमेरिका और इजरायल की रडार पर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं को निशाना बनाने के लिए पहले भी कई बार स्ट्राइक करने की कोशिशें की जा चुकी हैं, जिनसे ये अब तक सुरक्षित बच निकले हैं। ऐसे समय में जब मिसाइलों और ड्रोनों का खतरा मंडरा रहा हो, बिना किसी भारी सुरक्षा तामझाम के जनता के बीच जाना एक बड़ा रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक संदेश माना जा रहा है।

कुद्स दिवस का महत्व

ईरान में हर साल रमजान के आखिरी शुक्रवार को कुद्स दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य फिलिस्तीनी नागरिकों के प्रति समर्थन जताना और इजरायली शासन का विरोध करना है। इस वर्ष यह आयोजन विशेष रहा, क्योंकि अली लारिजानी के अनुसार, यह अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के 13वें दिन आयोजित हुआ है।

हालांकि, इस बार ईरान के सुप्रीम लीडर का पारंपरिक संबोधन नहीं हुआ, जो कि एक चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके बावजूद, तेहरान की सड़कों पर जुटी हजारों की भीड़ और शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारी तनाव के बावजूद ईरान का मनोबल ऊंचा है।

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