ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, फोटो (सो, सोशल मीडिया) 
विदेश

अमेरिकी दूतों के आने से पहले ही इस्लामाबाद से निकले अराघची, क्या पाकिस्तान की मध्यस्थता में पड़ गई दरार?

Iran US Peace Talks: ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता की पाक की कोशिशें फिलहाल बेनतीजा रही हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची अमेरिकी प्रतिनिधियों के पहुंचने से पहले ही इस्लामाबाद से रवाना हो गए।

अमन उपाध्याय

Iran US Peace Talks Tension News: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू हुई कूटनीतिक हलचल बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त होती दिख रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अमेरिकी डेलिगेशन के आने से पहले ही पाकिस्तान से रवाना हो गए हैं। इस घटनाक्रम ने होर्मुज जलडमरूमध्य के संकट को हल करने की वैश्विक उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

सीधी बातचीत से इनकार

ईरान ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की सीधी बातचीत नहीं करेगा। इसके बजाय, ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अपनी बात और चिंताएं अमेरिका तक पहुंचाने की रणनीति अपनाई थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस मुलाकात को 'सकारात्मक' बताया और कहा कि दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय परिस्थितियों और आपसी संबंधों पर खुलकर चर्चा हुई।

मुनीर और शरीफ से मुलाकात के बाद रवानगी

शनिवार को अब्बास अराघची ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उप-प्रधानमंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर से महत्वपूर्ण मुलाकातें कीं। इन बैठकों में होर्मुज संकट और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहन मंथन हुआ। हालांकि, न्यूयॉर्क पोस्ट और इजरायली मीडिया के अनुसार, जैसे ही इन मुलाकातों का दौर खत्म हुआ, ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान से चला गया, जबकि अमेरिकी दूत अभी रास्ते में ही थे।

ट्रंप की शर्तें और अमेरिकी रुख

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में पुष्टि की कि ईरान एक शांति प्रस्ताव तैयार कर रहा है, लेकिन उन्होंने समझौते के लिए दो कड़ी शर्तें रखी हैं। ट्रंप के अनुसार, किसी भी समझौते के लिए ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम छोड़ना होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के जहाजों की आवाजाही को बिना किसी बाधा के सुनिश्चित करना होगा। गौरतलब है कि ट्रंप के खास दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस वार्ता के लिए इस्लामाबाद आने वाले थे।

रूस और ओमान का रुख करेंगे अराघची

इस्लामाबाद से बेनतीजा लौटने के बाद अब ईरानी विदेश मंत्री अपनी कूटनीतिक यात्रा के अगले चरण में मस्कट (ओमान) और मॉस्को (रूस) जाएंगे। इससे यह स्पष्ट होता है कि ईरान अब रूस और ओमान जैसे अन्य देशों के साथ संपर्क साधकर अमेरिका के साथ जारी इस सैन्य और आर्थिक गतिरोध का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल, होर्मुज में जारी नाकेबंदी और तेल संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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