Iran Denies Trump's Claim on Uranium Deal: ईरान ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि तेहरान ने अपना समृद्ध यूरेनियम सौंपने पर सहमति जताई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश अपने परमाणु भंडार को किसी भी हालत में दूसरे स्थान पर स्थानांतरित नहीं करेगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि समृद्ध यूरेनियम का मुद्दा अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं में कभी शामिल ही नहीं रहा। उनके अनुसार, इस तरह के दावे पूरी तरह निराधार हैं और वास्तविक बातचीत की दिशा को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हैं।
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पहले दावा किया था कि अमेरिका को B-2 बमवर्षकों के हमलों के बाद “परमाणु धूल” प्राप्त होगी। उनका संकेत उन कथित भंडारों की ओर था, जिन्हें अमेरिकी हमलों के दौरान भूमिगत कर दिया गया था। हालांकि ईरान ने इस बयान को भी खारिज करते हुए इसे भ्रामक बताया। ईरानी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि पहले की वार्ताएं जहां परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित थीं, वहीं अब बातचीत का मुख्य उद्देश्य युद्ध को समाप्त करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के लिए प्रतिबंध हटाने की 10-सूत्रीय योजना बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही, देश पर थोपे गए युद्ध के दौरान हुए नुकसान के मुआवजे का मुद्दा भी तेहरान के लिए प्राथमिकता में है।
यह प्रतिक्रिया उस रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें Axios ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। इस प्रस्ताव के तहत वॉशिंगटन ईरान के करीब 20 अरब डॉलर के जमे हुए फंड को जारी कर सकता है, जिसके बदले में तेहरान अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को छोड़ देगा। हालांकि, ईरान ने ऐसे किसी समझौते के अस्तित्व से इनकार किया है।
जहां तक यूरेनियम भंडार का सवाल है, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अनुमान के अनुसार जून 2025 से पहले ईरान के पास लगभग 440 किलोग्राम 60% तक समृद्ध यूरेनियम था। यह मात्रा ईरान न्यूक्लियर डील 2015 के तहत तय 3.67% की सीमा से काफी अधिक है। हमलों के बाद ईरान ने प्रभावित स्थलों पर अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों की पहुंच सीमित कर दी है।
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ईरान लगातार यह दोहराता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। उसका कहना है कि वह परमाणु हथियारों के अप्रसार पर संधि का हस्ताक्षरकर्ता है और उसे नागरिक परमाणु कार्यक्रम चलाने का पूरा अधिकार है।