ईरान में सालाना महंगाई दर 87 फीसदी के पार फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

ईरान में सालाना महंगाई दर 87 फीसदी के पार, सर्वाइवल इकोनॉमी मोड में पहुंचा पूरा देश

Iran Inflation Rate: अमेरिका के साथ जारी छह महीने की जंग के बाद ईरान में भयावह आर्थिक संकट पैदा हो गया है। ईरान की महंगाई दर अब 87.9% के पार पहुंच गई है और लोग बाल व खाली बोतलें बेचने को विवश हैं।

प्रिया सिंह

Iran Inflation Annual Inflation Rate Crosses 87 Percent: अमेरिका के साथ जंग छिड़े छह महीने बीत चुके हैं और इस जंग का सबसे बड़ा खामियाजा ईरान के परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। देश में गंभीर आर्थिक तंगी के कारण लोग अपनी जरूरतों को बचाने के लिए एक-एक रियाल जुटा रहे हैं। खाने-पीने और जरूरी राशन की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसी बड़े संकट के बीच ईरान में महंगाई के कारण गुज़ारे की अर्थव्यवस्था की स्थिति बन गई है।

देश में रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें अब आम लोगों की पहुंच से बिल्कुल बाहर हो चुकी हैं क्योंकि महंगाई ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लोगों के पास गंभीर आर्थिक संकट की वजह से बिल्कुल भी कैश नहीं बचा है। ऐसे में ईरान के आम नागरिक अपने अस्तित्व को बचाने के लिए बहुत अजीबोगरीब कदम उठा रहे हैं। अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए लोग अपनी कई चीजें बेच रहे हैं।

घरेलू सामानों और बालों की अजीबोगरीब बिक्री

नौबत यह है कि लोग अपने कुदरती बाल, इस्तेमाल की हुई इत्र की खाली बोतलें, पुराने कपड़े और जूते तक स्थानीय बाजार में बेच रहे हैं। लोग अपने बालों को बेचकर हेयर एक्सटेंशन बाजार से कुछ हजार रियाल कमा रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक सामान बहुत महंगे होने की वजह से लोग पढ़ाई और काम के लिए लैपटॉप भी किराए पर ले रहे हैं। वे पुरानी चीजों को ऑनलाइन विज्ञापन से बेच रहे हैं।

ईरानी सांख्यिकी केंद्र के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि देश में सालाना आधार पर कुल महंगाई दर 87.9 प्रतिशत के पार जा चुकी है। वहीं एक ईरानी महीने की सालाना दर भी अब 66 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस भीषण महंगाई ने आम लोगों के भोजन की थाली पर सीधा हमला किया है जिससे जनता की क्रय शक्ति पूरी तरह से छिन्न-भिन्न हो चुकी है।

चरमराती स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएं

ईरान में इस भयानक आर्थिक संकट का बेहद बुरा असर अब देश की स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लोगों के पास इलाज कराने और दवाइयां खरीदने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं बचे हैं। स्वास्थ्य संकट से जूझते हुए लोग अब अस्पतालों के भारी-भरकम बिल भरने के लिए किस्तों का सहारा लेने को विवश हो चुके हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार भले ही इस गंभीर स्थिति को ईरान का पूर्ण आर्थिक पतन नहीं कहा जा सकता पर आम जनता के लिए इसका असर बहुत भयानक है। लोगों की आय की तुलना में दैनिक वस्तुओं की कीमतें बहुत अधिक रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं। युद्ध के दुष्परिणामों ने देश के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है।

सरकार के खिलाफ बोलने पर एनकाउंटर में मारा जा सकता हूं, सोनम वांगचुक का बड़ा दावा; मांगा अमित शाह का इस्तीफा

राहुल गांधी का बड़ा आरोप, मध्य प्रदेश चुनाव 2023 से शुरू हुई थी वोट चोरी; तकनीकी टीम ने की पुष्टि!

राहुल गांधी पर बीजेपी का पलटवार! सुधांशु बोले राहुल की राजनीतिक समझ शून्य, बैशाखी के दम पर जीतते हैं चुनाव

मोदी-शाह की जांच, वोट चोरी और इंदिरा गांधी का जिक्र; राहुल गांधी ने क्या-क्या सवाल खड़े किए? 10 बड़ी बातें

ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, फिर हमला हुआ तो हिंद महासागर तक पहुंचेगा युद्ध; भारत पर कितना पड़ेगा असर?