ईरान के पूर्व राजा के बेटे ने फूंका बगावत का बिगुल, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान से खत्म होगा इस्लामिक राज! पूर्व राजा के बेटे ने फूंका बिगुल, बोले- 'अब समय आ गया है...'

ईरान के पूर्व शाह के बेटे ने कहा कि यह युद्ध ईरान का नहीं, बल्कि सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का है। उन्होंने यह भी कहा कि हम चार दशकों से अधिक समय से ईरान में लोकतंत्र स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

अमन उपाध्याय

तेहरान: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच ईरान की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि ईरान के भीतर ही कई लोग खुलकर इजरायल का समर्थन कर रहे हैं। इसी कड़ी में, ईरान के पूर्व राजा के बेटे रजा शाह पहलवी ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। रजा शाह पहलवी का परिवार 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले तक ईरान पर शासन करता था, और अब उसी राजवंश ने खामेनेई सरकार के विरोध में आवाज उठाई है।

रजा शाह पहलवी ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन का  समय आ चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा, "अब हमारा वक्त आ गया है। यह लड़ाई ईरानी जनता की नहीं, बल्कि खामेनेई की है। इस संघर्ष का कोई भी परिणाम सरकार को कमजोर ही करेगा।" उन्होंने बताया कि वह पिछले 40 वर्षों से ईरान में लोकतंत्र स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

ईरान में सरकार बदलने का आह्वान

इसके अलावा, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो संदेश जारी करके अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान में सरकार बदलने का आह्वान किया। शाह पहलवी ने कहा कि इजरायल के हमले का लक्ष्य ईरानी जनता को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि सरकार के खतरे को कम करना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायली हमलों से अगर ईरानी शासन कमजोर होता है, तो देश में परिवर्तन के रास्ते खुल सकते हैं। ‘आसिम मुनीर तुम…’ पाकिस्तान के फील्ड मार्शल Munir की अमेरिका में भारी बेइज्जती- Video

खामेनेई की वजह से हो रहा है ये हमला

रजा पहलवी ने आगे कहा कि देश में आशा और सकारात्मक ऊर्जा का नया दौर शुरू हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरानी जनता को स्वयं ही परिवर्तन लाने के लिए आगे आना होगा। उनका मानना है कि ईरान की वर्तमान सरकार का अस्तित्व समाप्त होना ही देश की समस्याओं का स्थायी हल है। उन्होंने कहा कि यही सही समय है जब ईरान के लोग अपने देश को मुक्त करा सकते हैं। ऐसा होने से न केवल ईरान बल्कि पूरी दुनिया को राहत मिलेगी, साथ ही परमाणु खतरों, आतंकवाद और उग्रवाद जैसी वैश्विक चुनौतियों का अंत होगा। एक सवाल के जवाब में पहलवी ने कहा कि ईरान की जनता ने देखा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने लंबे समय तक धैर्य दिखाया और इस शासन को सुधार के लिए कई अवसर दिए। उन्होंने वर्तमान स्थिति के लिए सीधे तौर पर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह संकट उनकी जिद का परिणाम है। पहलवी ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष खामेनेई का अपना युद्ध है, ईरानी जनता का नहीं।

ईरान को धार्मिक शासन से मुक्त करने की मांग

रजा पहलवी ने कहा कि वह पिछले 44 वर्षों से लगातार यही मांग कर रहे हैं कि ईरान को धार्मिक शासन से मुक्त किया जाए। उनका उद्देश्य है कि ईरान में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव हों, जिससे वहां की जनता स्वतंत्र रूप से अपना नेतृत्व चुन सके। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान के भीतर से, विशेषकर सेना की ओर से, उनसे लगातार संपर्क किया जा रहा है।

पश्चिमी तेहरान पर लगातार के हो रहे हमले

इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब गंभीर हो गया है, जिसके कारण भारत, अमेरिका सहित कई देशों ने अपने नागरिकों को वहां से सुरक्षित निकलने की सलाह दी है। इस बीच, इजरायली सेना लगातार पश्चिमी तेहरान पर हमले कर रही है। वहीं, ईरान ने मंगलवार  को तेल अवीव स्थित इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के मुख्यालय पर हवाई हमला किया था।

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