Iran Attacks US Military Base in Jordan: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अब दोनों देशों के बीच टकराव सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ समुद्री और आर्थिक मोर्चे तक पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। हमला अमेरिका की ओर से ईरान के लाराक द्वीप पर किए गए हमले के जवाब में किया गया।
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, लाराक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले में कई ईरानी लड़ाके और आम नागरिक मारे गए, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए। अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों को गंभीरता से लिया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सैनिक ईरान की ओर से आने वाले मिसाइल हमलों और दूसरे खतरों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका मतलब है कि जमीन पर तैनात अमेरिकी सैनिकों की जिम्मेदारी अब और बढ़ गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी एयर डिफेंस संभाल रहे सैनिकों पर भरोसा जताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों के बाद अमेरिकी जवानों की सुरक्षा के लिए लोगों से दुआ करने की अपील की।
इससे पहले अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर मौजूद दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था। अमेरिका के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के जवान इन लॉन्चरों के जरिए ऐसे रॉकेट दागने की तैयारी कर रहे थे, जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री खदानें बिछाने के लिए किया जा सकता था।
अमेरिका का कहना है कि लारक द्वीप पर किया गया यह हमला जुलाई के अंत के बाद ईरान के अंदर उसकी पहली ज्ञात सैन्य कार्रवाई है। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े करीब दो हफ्ते लंबे अमेरिकी सैन्य अभियान को रोक दिया था। अमेरिका का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट के जरिए होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना है। अमेरिकी सेना किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार है।
IRGC ने दावा किया है कि लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के जवाब में उसने जॉर्डन में मौजूद दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने किंग हुसैन और अल अज्रक स्थित अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। इससे पहले IRGC ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका के हमले का जवाब ईरानी लोग देंगे और हमलावर को इसकी कीमत चुकानी होगी। अब ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई कर अपना जवाब दे दिया है।