भारत ने ईरान को भेजी मेडिकल मदद, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

युद्ध के बीच भारत ने थामा ईरान का हाथ, भेजी मेडिकल मदद की पहली खेप; तेहरान ने कहा 'शुक्रिया'

India Iran Medical Aid: भारत ने युद्ध की विभीषिका झेल रहे ईरान को चिकित्सा सहायता की पहली खेप भेजी है। ईरानी राजदूत ने इस मदद के लिए भारतीय जनता का आभार जताते हुए भारत को एक सच्चा मित्र बताया है।

अमन उपाध्याय

India Helps Iran Amid War Crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की गंभीर स्थिति के बीच भारत ने एक बार फिर अपनी मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया है। भारत सरकार ने युद्ध से घिरे ईरान की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाते हुए चिकित्सा सहायता की पहली खेप तेहरान भेजी है। भारत की ओर से भेजी गई इस जीवनरक्षक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खेप को आधिकारिक तौर पर 'ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी' को सौंप दिया गया है।

ईरानी राजदूत ने जताया आभार

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने इस संकट की घड़ी में मिली मदद के लिए भारत सरकार और यहां के नागरिकों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने दिल्ली और तेहरान के संबंधों को बेहद अहम बताते हुए कहा कि ईरान भारत को एक 'दोस्त देश' मानता है। फतहली के अनुसार, दोनों देशों के हित समान हैं और ऐसे कठिन समय में एक-दूसरे का सहयोग करना आपसी विश्वास को और मजबूत करता है।

अन्य देशों के रुख पर तल्ख टिप्पणी

राजदूत फतहली ने भारत की प्रशंसा करने के साथ ही उन देशों पर निशाना साधा जिन्होंने मानवीय आधार पर भी मदद करने से इनकार कर दिया। उन्होंने खुलासा किया कि जहां भारत ने हमारे अनुरोध को स्वीकार कर जहाजों और दवाओं के मामले में सचमुच बहुत मदद की, वहीं कई अन्य देशों ने सहयोग से हाथ खींच लिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ईरान इन देशों को कड़ा जवाब देगा और जल्द ही दुनिया को इस बारे में सुनने को मिलेगा।

भारतीय नागरिकों का जज्बा

ईरान दूतावास ने यह भी जानकारी साझा की कि न केवल भारत सरकार, बल्कि यहां के आम नागरिक भी ईरान में प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। दूतावास के अनुसार, कई भारतीयों ने मानवीय सहायता भेजने के लिए बार-बार अनुरोध किया था। इसके जवाब में दूतावास ने एक बैंक खाता जारी किया था लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण फिलहाल ऑनलाइन ट्रांसफर और GPay के माध्यम से भुगतान में दिक्कतें आ रही हैं।

दूतावास ने की अपील

ऑनलाइन भुगतान में आ रही तकनीकी बाधाओं को देखते हुए ईरान एंबेसी ने लोगों से फिलहाल डिजिटल पेमेंट न करने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि जो लोग इस संकट के समय में ईरान की मदद करना चाहते हैं वे नई दिल्ली स्थित दूतावास आकर नकद (Cash) में अपना सहयोग जमा कर सकते हैं।

युद्ध की बढ़ती तपिश

यह मदद ऐसे समय में भेजी गई है जब ईरान-इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। हाल ही में इजरायली हमलों में अली लारीजानी और उनके बेटे की मौत के बाद क्षेत्र में स्थिति और भी विस्फोटक हो गई है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में भारत की यह मेडिकल सहायता न केवल कूटनीतिक बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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