इजरायल में फंसे भारतीयों के लिए मिशन शुरू (सोर्स- सोशल मीडिया)  
विदेश

इजराइल में फंसे भारतीयों के लिए मिशन शुरू, मिस्र और जॉर्डन के रास्ते होगी वतन वापसी

Evacuate Indians Israel: इजराइल-ईरान तनाव के बीच भारत सरकार ने इजराइल में फंसे भारतीयों को निकालने की योजना बनाई है। राजदूत जेपी सिंह ने कहा कि उन्हें मिस्र या जॉर्डन के सुरक्षित रास्ते से लाया जाएगा।

प्रिया सिंह

Secure Evacuation Route Jordan Egypt: ईरान और इजराइल के बीच छिड़ी इस भीषण जंग के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कमर कस ली है। इजराइल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने बताया है कि वहां फंसे हजारों भारतीयों को निकालने की तैयारी पूरी हो चुकी है। भारतीय दूतावास ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि हर भारतीय को बिना किसी नुकसान के सही सलामत उनके घर और परिवार तक पहुंचाया जाए।

वतन वापसी का सुरक्षित मार्ग

राजदूत जेपी सिंह ने विशेष बातचीत में खुलासा किया कि भारतीयों की निकासी के लिए मिस्र या जॉर्डन का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी रास्ता उस समय सबसे अधिक सुरक्षित और व्यावहारिक होगा, सरकार उसे ही प्राथमिकता देने वाली है। फिलहाल युद्ध के भीषण हालातों को देखते हुए सड़क मार्ग से लंबी यात्रा करना पूरी तरह से सुरक्षित और अनुकूल नहीं माना जा रहा है।

दूतावास का पल-पल का संपर्क

इजराइल में मौजूद भारतीय दूतावास वहां रह रहे करीब 41,000 भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ निरंतर और सीधा संपर्क बनाए हुए है। सभी नागरिकों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि वे निर्धारित बम शेल्टरों और सुरक्षित ठिकानों की जानकारी पहले से जरूर रखें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में भारतीय नागरिकों को तुरंत तेल अवीव स्थित दूतावास से संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी साझा किए गए हैं।

कूटनीतिक स्तर पर शांति के प्रयास

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस तनाव को कम करने के लिए ईरान और इजराइल के विदेश मंत्रियों से लंबी कूटनीतिक चर्चा की है। जयशंकर ने दोनों देशों से अधिकतम संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से पुराने विवाद सुलझाने की बहुत ही महत्वपूर्ण अपील की है। भारत का मानना है कि सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए ताकि निर्दोष लोगों की जान और माल को बचाया जा सके।

पड़ोसी देशों में भी अलर्ट

ईरान में मौजूद करीब 10,000 भारतीय छात्रों और नागरिकों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति बहुत अधिक सतर्क रहने के निर्देश जारी हुए हैं। सिर्फ इजराइल ही नहीं बल्कि सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे खाड़ी देशों में भी भारतीय दूतावासों ने विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। भारत सरकार यूक्रेन संकट की तर्ज पर एक बार फिर अपने प्रभावी निकासी अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटी है।

अनिश्चितता के बीच सुरक्षा सर्वोपरि

दुबई एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही ठप होने से कई भारतीय यात्री विदेशों में फंस गए हैं और सुरक्षित वापसी की राह देख रहे हैं। भारतीय राजदूत ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही स्थिति थोड़ी भी अनुकूल होगी, हवाई या सड़क मार्ग से निकासी शुरू कर दी जाएगी। इस मुश्किल घड़ी में भारत सरकार अपने नागरिकों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी पहली प्राथमिकता है।

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