विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

रूस से तेल खरीद पर भारत का दोटूक जवाब; 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि, नहीं झुकेगा देश

India Russia Oil Deal News In Hindi: विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि रूस से तेल खरीद जारी रहेगी क्योंकि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और भारत बाहरी दबाव में नहीं आएगा।

अमन उपाध्याय

India Venezuela Oil Trade News Hindi: रूस और यूक्रेन के बीच जारी वैश्विक तनाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा नीति को लेकर दुनिया के सामने अपना पक्ष बेहद मजबूती से रखा है। गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बार फिर दोहराया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सबसे बड़ी और सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बाजार की स्थिति

MEA प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जोर देकर कहा कि भारत की रणनीति अंतरराष्ट्रीय बाजार की बदलती स्थितियों के अनुसार अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की है। रणधीर जायसवाल के अनुसार, भारत अपने नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र फैसले लेता रहेगा। उन्होंने कहा कि ऑब्जेक्टिव मार्केट की स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल के हिसाब से तेल के स्रोतों को बदलना हमारी रणनीति का एक मुख्य हिस्सा है। यह बयान उन अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं के बीच आया है जिसमें रूस से तेल आयात को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे।

रूस बना भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता

आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2022 से अब तक वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। स्रोतों के अनुसार, रूस अब भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है, जो देश के कुल तेल आयात का लगभग 40 फीसदी हिस्सा प्रदान करता है। इससे पहले भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए मुख्य रूप से सऊदी अरब और इराक जैसे मध्य पूर्वी देशों पर निर्भर था। भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपनी ऊर्जा नीति को किसी भी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होने देगा भले ही वह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सम्मान करता हो।

वेनेजुएला के साथ संबंधों पर स्पष्टता

रूस के अलावा, भारत ने वेनेजुएला से तेल खरीद की संभावनाओं पर भी अपना रुख स्पष्ट किया है। रणधीर जायसवाल ने बताया कि वेनेजुएला लंबे समय से ऊर्जा क्षेत्र में भारत का व्यापारिक और निवेश भागीदार रहा है। भारत ने 2019-20 तक वहां से तेल खरीदा था जिसे प्रतिबंधों के कारण बीच में रोकना पड़ा था।

हालांकि, 2023-24 में इसे फिर से शुरू किया गया लेकिन नए प्रतिबंधों के चलते वर्तमान में यह रुका हुआ है। इसके बावजूद, भारत वेनेजुएला सहित किसी भी अन्य स्रोत से तेल की आपूर्ति के 'कमर्शियल फायदों' पर विचार करने के लिए हमेशा तैयार है। कुल मिलाकर, भारत का संदेश स्पष्ट है कि वह किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय एक संतुलित और स्वतंत्र ऊर्जा नीति पर चलेगा जो पूरी तरह से देश की 1.4 अरब जनता की जरूरतों के प्रति समर्पित है।

UNGA 81: ग्लोबल साउथ देशों की मंत्री-स्तरीय बैठक में एस जयशंकर की अध्यक्षता, AI और UN सुधार पर जोर

वोट चोरी देशद्रोह...SIR विवाद पर राहुल गांधी ने BJP, RSS और चुनाव आयोग को घेरा, बोले- समय आने पर पकड़ेंगे

Meghalaya Politics: UDP के 8 विधायक BJP में शामिल, एक झटके में बदल गया विधानसभा का गणित

Seva Pakhwada: कैसे हुई शुरुआत और क्या है इस अभियान का उद्देश्य? जानें पूरी जानकारी

Ishan Anand: BSP के राष्ट्रीय संयोजक बने ईशान आनंद, मायावती ने दी बड़ी जिम्मेदारी