ऑपरेशन सिंदूर में मुंह की खानी के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ विदेश दौरे पर कुछ अनोखी हरकतें कर रहे हैं। वे हर बैठक में यह दावा कर रहे हैं कि भारत को कड़ा जवाब दिया गया है और वे युद्ध नहीं चाहते। इसी बीच, शहबाज शरीफ ने बुधवार को उस रात की घटना को याद किया जब भारत ने आतंकवादी ठिकानों और बाद में पाकिस्तानी एयरबेसों पर हमला किया था।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने भारत पर फजर की नमाज के बाद हमला करने की योजना बनाई थी, लेकिन उससे पहले ही भारत ने ब्रह्मोस मिसाइलों के जरिए पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हमला कर दिया।
अजरबैजान के लाचिन में पाकिस्तान-तुर्की-अजरबैजान त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान की सेना फजर की नमाज के बाद सुबह 4:30 बजे भारत पर हमला करने वाली थी। लेकिन इससे पहले ही भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल करके पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों और विभिन्न राज्यों पर हमला कर दिया। इस हमले में नूर खान (रावलपिंडी) और मुरीद (चकवाल) के ठिकाने पूरी तरह तबाह हो गए।
बुधवार को अजरबैजान के लाचिन शहर में शहबाज शरीफ ने काफी जोरशोर से अपने नौटंकी को पेश किया। इस दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव मौजूद थे। जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ यह बात स्वीकार कर रहे थे, तब उनके सामने पाकिस्तान के ताजा नियुक्त चीफ ऑफ स्टाफ, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी मौजूद थे। उन्होंने सभा के बीच में मुनीर को खड़ा कर उनका वहां मौजूद लोगों से उनका परिचय भी कराया।
शहबाज की बात सुनते ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाना शुरू किया। उसके बाद सेकंडों में, सिविलियन कपड़े पहने आसिम मुनीर सबसे आगे खड़े हो गए जैसे कोई स्कूल का बच्चा खड़ा हो गया हो। इस दौरान तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव भी वहां मौजूद थे। जब आसिम मुनीर खड़े हुए, तो एर्दोगान और इल्हाम अलियेव ने भी तालियां बजाई। इसके बाद शहबाज ने अपने आर्मी चीफ की खूब तारीफ की, लेकिन उन्होंने इस बात का जिक्र नहीं किया कि भारत के हमले में पाकिस्तान के कई एयरबेस कैसे तबाह हो गए थे।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों को मिलकर कश्मीर, जल संसाधन और आतंकवाद जैसे मसलों का समाधान तलाशना चाहिए। यह इस सप्ताह भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत शुरू कराने के लिए उनका दूसरा ऐसा बयान था। इससे पहले, तेहरान में सोमवार को शरीफ ने कहा था कि वे सभी विवादों को सुलझाने के लिए भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन भारत ने इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान से केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की वापसी और आतंकवाद के मुद्दों पर ही बातचीत करेगा।