एस. जयशंकर, फोटो (सो. सोशल मिडिया) 
विदेश

चौथा इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट: एस. जयशंकर ने लॉन्च किया लोगो, जानें क्यों खास है 'IA Spirit' थीम

India Africa Forum Summit 2026: एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में चौथे इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट का लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च की। 31 मई 2026 को होने वाला यह आयोजन दोनों देशों के संबंधों को नया रूप देगा।

अमन उपाध्याय

India Africa Forum Summit Logo Launch: भारत और अफ्रीका के बीच सदियों पुराने संबंधों को एक नई दिशा और मजबूती देने के लिए नई दिल्ली पूरी तरह तैयार है। भारत, अफ्रीकन यूनियन कमीशन (AUC) के साथ मिलकर 31 मई 2026 को राजधानी नई दिल्ली में चौथे इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट (IAFS) की मेजबानी करने जा रहा है।

इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियों को गति देते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 23 अप्रैल 2026 को इस समिट का आधिकारिक लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च की।

क्या है 'IA SPIRIT'?

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह आगामी समिट 'IA SPIRIT' इंडिया अफ्रीका स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फॉर इनोवेशन, रेजिलिएंस, एंड इनक्लूसिव ट्रांसफॉर्मेशन की थीम के तहत आयोजित की जाएगी। यह थीम न केवल भारत और अफ्रीका के बीच बढ़ती साझेदारी की गहराई को दर्शाती है बल्कि यह नवाचार (Innovation) और समावेशी विकास के प्रति दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है। इस समिट में पूरे अफ्रीकी महाद्वीप के राष्ट्राध्यक्ष, अफ्रीकन यूनियन कमीशन के प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रीय संगठनों के नेता शिरकत करेंगे।

तैयारियों का पूरा शेड्यूल

समिट के मुख्य आयोजन से पहले कूटनीतिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण बैठकें निर्धारित की गई हैं। 28 मई 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें सहयोग के विशिष्ट क्षेत्रों और एजेंडे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके बाद, 29 मई 2026 को भारत-अफ्रीका विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी, जो समिट के अंतिम स्वरूप को आकार देगी।

अफ्रीका के बिना हमारा विकास अधूरा

इस अवसर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत और अफ्रीका के अटूट संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अफ्रीका की आजादी के बिना हमारी आजादी अधूरी थी और अफ्रीका के विकास के बिना हमारा विकास पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की प्रगति तभी सार्थक और स्थाई होगी जब वह अफ्रीका की समृद्धि के साथ जुड़ी हो। जयशंकर ने आगे कहा कि भारत की विकास साझेदारी और क्षमता निर्माण की कोशिशें हमेशा अफ्रीकी देशों की प्राथमिकताओं और स्थानीय स्वामित्व पर आधारित रही हैं। वर्तमान में डिजिटल, फिनटेक और नवाचार जैसे नए क्षेत्रों में दोनों पक्षों का जुड़ाव अफ्रीकी अर्थव्यवस्थाओं को एक नया ढांचा प्रदान कर रहा है।

अफ्रीकी प्रतिनिधित्व का समर्थन

भारत ने हमेशा वैश्विक शासन (Global Governance) में अफ्रीका को उसका उचित स्थान दिलाने की वकालत की है। जयशंकर ने याद दिलाया कि भारत की 2023 की जी20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ (AU) को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल करना इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण था।

इसके अलावा, सस्टेनेबल भविष्य के लिए भारत और अफ्रीका इंटरनेशनल सोलर अलायंस, ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस जैसे महत्वपूर्ण मंचों पर गहराई से जुड़े हुए हैं। विदेश मंत्री ने निष्कर्ष निकाला कि भारत और अफ्रीका न केवल विकास के साथी हैं बल्कि मिलकर एक बेहतर और न्यायसंगत दुनिया बनाने के भी भागीदार हैं।

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