हमास ने ठुकराया ट्रंप का प्रस्ताव (फोटो- सोशल मीडिया) 
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शांति समझौते पर संकट! हमास ने ठुकराया ट्रंप का प्रस्ताव, मिस्र जाने से किया साफ इनकार

फिलिस्तीनी उग्रवादी समूह Hamas के एक बड़े नेता ने कहा कि अभी भी कई तरह की राजनीतिक बाधाएं हैं। शांति के आधिकारिक समझौते से दूरी की बात करते हुए हमास सदस्यों के गाजा पट्टी छोड़ने वाली बात बेतुकी बताई।

सौरभ शर्मा

Gaza peace deal crisis: गाजा में शांति की उम्मीदों पर उस वक्त पानी फिर गया, जब फिलिस्तीनी संगठन हमास ने मिस्र में होने वाले अहम शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया। हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावों को 'बकवास' बताते हुए कहा कि वह इस समारोह में शामिल नहीं होगा। इस अप्रत्याशित कदम ने दो साल से चली आ रही विनाशकारी लड़ाई के बाद शांति स्थापित करने के प्रयासों को गंभीर संकट में डाल दिया है, जिससे समझौते का भविष्य अधर में लटक गया है।

हमास के वरिष्ठ नेता और राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य होसाम बदरान ने AFP को बताया कि उनके सदस्यों को गाजा छोड़ने का सुझाव पूरी तरह से बेतुका है। उन्होंने जोर देकर कहा, "फिलिस्तीनियों को उनकी जमीन से निकालने की बात सोचना भी बकवास है।" बदरान ने यह भी स्पष्ट किया कि योजना के दूसरे चरण पर बातचीत बेहद कठिन होगी क्योंकि इसमें कई जटिलताएं हैं, और हमास द्वारा हथियार डालने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता, भले ही वह सरकार से हट जाए।

समझौते की शर्तों के बीच बढ़ी सियासी हलचल

यह पूरा घटनाक्रम डोनाल्ड ट्रंप के अगले दो दिनों में होने वाले मध्य-पूर्व दौरे से ठीक पहले सामने आया है, जहां वह 7 अक्टूबर, 2023 के हमले के दो साल बाद भी बंधक बनाए गए इज़राइली नागरिकों की रिहाई का जश्न मनाने और अपनी योजना के अगले चरण को बढ़ावा देने की तैयारी में हैं। हालांकि, हमास के इस रुख के बाद तनाव बढ़ गया है। वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, जिन्होंने मार्च में पिछला युद्धविराम एकतरफा खत्म कर दिया था, ने चेतावनी दी है कि अगर हमास हथियार डालने में विफल रहता है तो इजराइल अपना सैन्य अभियान फिर से शुरू कर सकता है। शुक्रवार को लागू हुए युद्धविराम के बाद विस्थापित परिवार तबाह हो चुके अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं।

रिहाई की उम्मीद और तबाही के आंकड़े

इस युद्धविराम समझौते के तहत हमास को सोमवार दोपहर तक बचे हुए 47 इजराइली बंधकों को रिहा करना है, जिनमें जीवित और मृत दोनों शामिल हैं। इसके बदले में, इजराइल 250 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा, जिनमें घातक हमलों के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी भी शामिल हैं। साथ ही, युद्ध शुरू होने के बाद हिरासत में लिए गए 1,700 गाजा निवासियों को भी छोड़ा जाएगा। इस विनाशकारी संघर्ष में गाजा का बड़ा हिस्सा खंडहर बन चुका है। अमेरिकी सेना एक बहुराष्ट्रीय कार्यबल का समन्वय करेगी, जिसमें मिस्र, कतर, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात के सैनिक शामिल हो सकते हैं, लेकिन अमेरिकी सैनिक गाजा में प्रवेश नहीं करेंगे। हमास-शासित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइली हमले में कम से कम 67,682 लोग मारे गए हैं, जबकि 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले में 1,219 इजराइली मारे गए थे।

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