अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में फंडिंग (सोर्स- AI)
विदेश

US चुनाव में टूटे चंदे के सारे रिकॉर्ड, क्रिप्टो और टेक कंपनियों ने झोंके 51.7 मिलियन डॉलर, वॉल स्ट्रीट हैरान

Gen Alpha Funding: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में क्रिप्टो, AI और ऑनलाइन बेटिंग कंपनियों ने चंदे के सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़कर 51.7 मिलियन डॉलर झोंक दिए हैं, जिससे पूरी राजनीति हिल गई है।

प्रिया सिंह

Gen Alpha Companies Political Funding: अमेरिका में साल 2026 के मध्यावधि चुनाव से पहले राजनीतिक चंदे और कॉरपोरेट खर्च का एक नया रिकॉर्ड बन रहा है। देश में होने वाले इस बड़े चुनाव में पारंपरिक वॉल स्ट्रीट, तेल और दवा कंपनियों की बजाय नई क्रिप्टो और एआई कंपनियों का दखल बहुत बढ़ गया है।

राजनीतिक चंदे की इस होड़ में क्रिप्टोकरेंसी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग से जुड़ी नई तकनीक आधारित कंपनियां सबसे बड़े नए खिलाड़ी के रूप में उभरी हैं। ये कंपनियां चुनावी नीति और उम्मीदवारों को अपने नियंत्रण और प्रभाव में रखने के लिए रिकॉर्ड पैसा झोंक रही हैं।

फंडिंग के टूटे पुराने रिकॉर्ड

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कंपनियों ने साल 2026 के हाउस और सीनेट चुनावों के लिए पंद्रह महीनों के दौरान पहली तिमाही के अंत तक 51.7 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं। यह साल 2024 के पूरे चुनावी चक्र में हुए 46.1 मिलियन डॉलर के पिछले रिकॉर्ड से भी अधिक है, जिससे रुख बना हुआ है।

पब्लिक सिटिजन के आंकड़ों के अनुसार, एक जनवरी 2025 से पहली तिमाही तक क्रिप्टो, टेक और ऑनलाइन गेमिंग उद्योगों ने मिलकर कम से कम 29.4 मिलियन डॉलर चुनावी राजनीति में लगाए हैं। ये कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों का समर्थन कर रही हैं जो उनके क्षेत्रों पर कम सख्त नियमन के पक्षधर हों।

सुपर पीएसी और बड़े दानदाता

इस चंदे का बड़ा हिस्सा सुपर पीएसी (Super PAC) और डार्क मनी संगठनों के माध्यम से दिया जा रहा है। एलन मस्क ने संघीय चुनावों के लिए अब तक 9 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए हैं। वहीं गूगल के सर्गेई ब्रिन ने वेल्थ टैक्स जैसे मुद्दों पर 10.6 मिलियन डॉलर से ज्यादा राशि खर्च की है।

मेटा ने भी दोनों दलों के उम्मीदवारों का समर्थन करने वाले चार अलग-अलग सुपर पीएसी को 6.5 करोड़ डॉलर दिए हैं। साल 2024 में कॉइनबेस और रिपल जैसी क्रिप्टो कंपनियों की फेयरशेक पीएसी के जरिए अपनाई गई रणनीति पूरी तरह सफल रही थी, जिसका कड़ा अनुसरण अब अन्य बड़ी कंपनियां भी कर रही हैं।

अमेरिकी राजनीति के नए किंगमेकर

एक अनुमान के अनुसार, साल 2026 के इन मध्यावधि चुनावों में कुल राजनीतिक विज्ञापनों पर लगभग 11.6 अरब डॉलर खर्च हो सकता है। यह राशि साल 2023-24 के चुनावी चक्र के 11.2 अरब डॉलर के पिछले बड़े रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देगी, जो विज्ञापन जगत में बदलाव का संकेत देती है।

पहले वॉल स्ट्रीट और बड़ी तेल कंपनियां राजनीतिक फंडिंग की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती थीं। लेकिन अब डिजिटल तकनीक और AI से जुड़े अरबपति चुनावी राजनीति के नए किंगमेकर बनकर उभर रहे हैं। अमेरिकी राजनीति में इस बड़े बदलाव से शक्ति संतुलन में आने वाले दिनों में असर पड़ेगा।

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