नॉर्वे रूस सीमा तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

यूरोप में महायुद्ध की आहट? नॉर्वे ने नागरिकों को भेजी 'जब्ती' की चेतावनी, पोलैंड ने बांटी सर्वाइवल बुक

European War Alert: रूस से बढ़ते खतरे के बीच यूरोप के देशों ने युद्ध की तैयारी शुरू कर दी है। नॉर्वे ने 13,500 नागरिकों को लेटर भेजकर घर और संपत्ति जब्त करने की चेतावनी दी है।

अमन उपाध्याय

Norway Russia Border Tension: यूक्रेन और रूस के बीच जारी लंबे संघर्ष ने अब पूरे यूरोप में 'तीसरे विश्व युद्ध' का डर पैदा कर दिया है। रूस के साथ बढ़ती तनातनी को देखते हुए नॉर्वे और पोलैंड ने अपने नागरिकों को युद्ध जैसी आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार रहने को कहा है। इन देशों का मानना है कि रूस से खतरा लगातार बढ़ रहा है और जंग की स्थिति में आम जनता को भी अपनी भूमिका निभानी होगी।

सेना की जरूरतों के लिए नागरिकों की जब्त होगी संपत्ति

नॉर्वे सरकार ने हाल ही में अपने 13,500 नागरिकों को आधिकारिक पत्र भेजे हैं। इस पत्र में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि रूस हमला करता है तो रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार नागरिकों की निजी संपत्ति जैसे घर, कार, नाव और मशीनें जब्त कर सकती है। इसे सैन्य भाषा में 'प्रिपरेटरी रिक्विजिशन' कहा जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध के समय सेना को बिना किसी देरी के जरूरी संसाधन मिल सकें। नॉर्वे नाटो का सदस्य देश है और रूस के साथ 198 किमी की थल सीमा साझा करता है जिसके कारण वहां सुरक्षा को लेकर भारी चिंता है।

1.7 करोड़ घरों में पहुंची 'सर्वाइवल गाइड'

दूसरी ओर, पोलैंड ने भी बड़े स्तर पर नागरिक सुरक्षा अभियान शुरू किया है। पोलैंड सरकार ने देश के 1.7 करोड़ घरों में 'वर्ल्ड वार थ्री सर्वाइवल गाइड' नाम की हैंडबुक भेजनी शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के अनुसार, अब तक 40 लाख से ज्यादा हैंडबुक लोगों तक पहुंचाई जा चुकी हैं। इस गाइड में निम्नलिखित स्थितियों से निपटने के तरीके बताए गए हैं:

  • आग, बाढ़ और आतंकी हमले।
  • साइबर हमले और देश को अस्थिर करने की कोशिशें।
  • परमाणु और रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की स्थिति में बचाव के उपाय।

पूरे यूरोप में युद्ध की तैयारी

जंग का यह डर केवल नॉर्वे और पोलैंड तक सीमित नहीं है। फ्रांस पहले ही अपने नागरिकों को युद्ध से जुड़ी गाइड जारी कर चुका है जबकि जर्मनी और फ्रांस में आंशिक रूप से सैन्य भर्ती फिर से शुरू करने की खबरें हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है और फेक न्यूज़ व साइबर हमलों के जरिए यूरोपीय देशों को अस्थिर करने के प्रयास भी तेज हो गए हैं।

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