Dubai Air Show: दुबई एयर शो में प्रदर्शन कर रहा एक तेजस फाइटर जेट शुक्रवार दोपहर हादसे का शिकार हो गया। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा बनाया गया यह विमान स्थानीय समयानुसार लगभग 2:10 बजे एरियल शो के दौरान अचानक नीचे गिरकर क्रैश हो गया। इस हादसे में पायलट की भी मौत हो गई है।
Video में दिख रहा है कि विमान हवा में एक बेहतरीन कलाबाज़ी कर रहा था कि अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। कुछ ही पलों में तेजस तेज़ी से नीचे की ओर झुकने लगा और सीधे जमीन की तरफ बढ़ गया। जमीन से टकराते ही जबरदस्त विस्फोट हुआ और अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ऊपर गहरा काला धुआं फैल गया।
दुबई एयर शो 2025 में भारत ने इस बार अपना सबसे बड़ा और व्यापक एयरोस्पेस प्रदर्शन किया है। इस ग्लोबल इवेंट में 50 देशों से आए 1,500 से अधिक एग्ज़िबिटर्स और करीब 1.48 लाख इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया। इनमें दुनिया की अग्रणी एयरोस्पेस कंपनियां बॉम्बार्डियर, डसॉल्ट एविएशन, एम्ब्रेयर, थेल्स, एयरबस, लॉकहीड मार्टिन और कैलिडस शामिल थीं। भारत की ओर से 19 इंडस्ट्री कंपनियों और 15 स्टार्टअप्स ने अपनी तकनीकी क्षमताएं और इनोवेशन दुनिया के सामने रखा। भारत फोर्ज, ब्रह्मोस, टेक महिंद्रा और HBL इंजीनियरिंग जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियों ने अपने नवीनतम डिफेंस और एयरोस्पेस उत्पादों का प्रदर्शन किया। वहीं, भारत के 15 स्टार्टअप्स ने भविष्य की सैन्य एवं नागरिक विमानन जरूरतों के समाधान पेश किए, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खासा ध्यान खींचा।
दुबई एयर शो में बना इंडिया पवेलियन इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस पवेलियन में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), DRDO, कोरल टेक्नोलॉजीज, डेंटल हाइड्रोलिक्स, इमेज सिनर्जी एक्सप्लोर, SFO टेक्नोलॉजीज सहित कई कंपनियों ने अपने अत्याधुनिक उत्पाद और तकनीकें प्रदर्शित कीं। HAL द्वारा विकसित लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) ‘तेजस’ भी इस शो का महत्वपूर्ण हिस्सा था।
यहां एयरबस, बोइंग और लॉकहीड मार्टिन जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने सबसे उन्नत जेट, ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और फ्लाइंग टैक्सी तकनीक का प्रदर्शन किया। शो की मुख्य झलकियों में F-35 लाइटनिंग II, सुखोई Su-57, A380 और A400M जैसे प्रमुख विमान शामिल थे। इंडियन एयर फोर्स की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम और LCA तेजस की उपस्थिति ने भारत की सैन्य एविएशन क्षमता का दमदार संदेश दिया था। हजारों दर्शकों की मौजूदगी में सूर्यकिरण टीम ने अपने शानदार फॉर्मेशन स्टंट्स प्रदर्शित किए।
दुबई एयर शो आज वैश्विक एयरोस्पेस सेक्टर का एक विशाल उत्सव बन चुका है, जबकि इसकी शुरुआती कहानी बेहद साधारण थी। वर्ष 1986 में इसे “अरब एयर” नाम से एक छोटे नागरिक विमानन ट्रेड शो के रूप में शुरू किया गया था।
शुरुआती आयोजन में सिर्फ 200 कंपनियां और 25 विमान ही शामिल थे। लेकिन 1989 में जब इसका आयोजन दुबई एयरपोर्ट पर हुआ, तभी से इस शो का पैमाना और प्रभाव लगातार बढ़ता चला गया। आज यह हर दो साल में होने वाला दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली एयरोस्पेस इवेंट माना जाता है, जहां वैश्विक विमानन उद्योग एक मंच पर एकत्र होता है।
यह आयोजन सिर्फ एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरर्स का मंच नहीं है, बल्कि एविएशन टेक्नोलॉजी, सुरक्षा समाधानों और अत्याधुनिक इनोवेशन को प्रदर्शित करने का भी प्रमुख अवसर प्रदान करता है। क्योंकि इसमें दुनिया भर के प्रमुख एयरक्राफ्ट निर्माता, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट और एविएशन सेक्टर की नामी कंपनियां हिस्सा लेती हैं।